HBSE Class 9 Hindi कृतिका Important Question Answer 2026

Most of students search over Google for Haryana Board (HBSE) Important Questions 2026. Here is the Main reason because HBSE Board Says that in HBSE Exam 2026 (last 3 Years of Questions will Repeat) so that here are the selected List of Questions of Haryana Board For Class 9.


HBSE Class 9 Hindi कृतिका भाग 1 Important Question Answer 2026


Chapter 1 – इस जल प्रलय में Important Questions 2026


प्रश्न 1. बाढ़ की खबर सुनकर लोग किस तरह की तैयारी करने लगे ?

उत्तर – बाढ़ की खबर से सारे शहर में आतंक मचा हुआ था। लोग अपने सामान को नीचली मंजिल से ऊपरी मंजिल में ले जा रहे थे। सारे दुकानदार अपना सामान रिक्शा, ट्रक और टेम्पो पर लादकर उसे सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे थें। खरीद-बिक्री बंद हो चुकी थी। लोग घरों में खाने का सामान, दियासलाई, मोमबत्ती, दवाईयाँ, किरोसीन आदि का प्रबन्ध करने में लगे हुए थे।


प्रश्न 2. मृत्यु का तरल दूत किसे कहा गया है और क्यों ? Most Important

उत्तर – मोटी डोरी की शक्ल में गेरुआ झाग–फेन में उलझे बाढ़ के पानी को लेखक ने ‘मृत्यु का तरल दूत’ कहा है, क्योंकि यह वह पानी था जिसका स्वरूप तरल था, परंतु वह मृत्यु का संदेश लेकर तेज़ी से बढ़ रहा था। यह पानी शहरों और गाँवों को मृत्यु के विकराल दूत की भाँति निगलता चला जा रहा था। इसलिए इसे ‘मृत्यु का तरल दूत’ कहा गया है।


प्रश्न 3. खरीद बिक्री बंद हो जाने पर भी पान की बिक्री अचानक – क्यों बढ़ गई थी ?

उत्तर – इसका मुख्य कारण बाढ़ था। क्योंकि बाढ़ के कारण सारे लोग सामानों को दूसरे स्थान पर ले जाने लगे थे इसलिए खरीद-बिक्री बंद करनी पड़ी थी। बस अगर खुली थी तो पान की दुकानें, उनकी तो जैसे चाँदी हो रही थी। उनके द्वारा लगाए गए रेडियो व ट्रांजिस्टर लगातार बाढ़ का हाल-समाचार सुना रहे थे। लोग बाढ़ के हालातों को जानने के लिए पान वालों के यहाँ भीड़ लगाए हुए थे। वे पान भी खरीदते व साथ में बाढ़ की स्थिति का पता भी लगाते रहते थे।


प्रश्न 4. “सबकी जुबान पर एक ही जिज्ञासा, पानी कहाँ तक आ गया है ?” इस कथन से जनसमूह की कौन-सी भावनाएँ व्यक्त होती हैं ?

उत्तर – ‘सबकी जुबान पर एक ही जिज्ञासा पानी कहाँ तक आ गया है’ कथन ‘इस जल प्रलय में’ पाठ के जनसमूह में बाढ़ के प्रति अत्यधिक उत्सुकता, कौतूहल, और डर (भय) की भावनाएं व्यक्त करता है। यह वाक्य लोगों की सुरक्षा के प्रति चिंता और अनिश्चितता को दर्शाता है, जहाँ वे जान-माल के नुकसान की आशंका से पानी के स्तर का प्रत्यक्ष अनुभव करना चाहते हैं 


प्रश्न 5. बाढ़ की सही जानकारी लेने और बाढ़ का रूप देखने के लिए लेखक क्यों उत्सुक था?

उत्तर – लेखक ने हमेशा बाढ़ के विनाश के विषय में सुना हुआ था, उसने अनेकों रचनाएँ भी उस विनाशलीला पर समर्पित की हुई थी और अनेकों पुरस्कार प्राप्त किए थे। पर कभी स्वयं बाढ़ को भोगने का अवसर उसे प्राप्त नहीं हुआ था। इसी कारणवश वह बाढ़ की विनाशलीला को स्वयं भोगने के लिए उत्सुक था। लेखक अपनी आँखों से इस पानी को शहर में घुसते हुए देखना चाहता था कि उसकी विनाशलीला कैसी होती है।


Chapter 2 – मेरे संग की औरतें Important Questions 2026


प्रश्न 1. ‘मेरे संग की औरतें’ पाठ के आधार पर लिखिए कि कैसे लोगों को अधिक श्रद्धाभाव से देखा जाता है? Most Important

उत्तर – जो इंसान सदैव सत्य बोले, ईमानदारी से अपना जीवन व्यतीत करे, दृढ़ निश्चयी हो, दूसरों की बातों की गोपनीयता को दूसरों पर प्रकट न करे, जो सबके साथ समान व्यवहार करे, समाज की भलाई के लिए कार्यरत रहे तथा अपने कर्त्तव्यों से विमुख न हो, ऐसे मनुष्य को श्रद्धा भाव से देखा जाता है।


प्रश्न 2. लेखिका की नानी की आजादी के आन्दोलन में किस प्रकार की भागीदारी रही? Most Important

उत्तर – वह प्रत्यक्ष रुप में भले ही आज़ादी की लड़ाई में भाग नहीं ले पाई हों परन्तु अप्रत्यक्ष रुप में सदैव इस लड़ाई में सम्मिलित रहीं और इसका मुख्य उदारहण यही था कि उन्होनें अपनी पुत्री की शादी की ज़िम्मेदारी अपने पति के स्वतंत्रता सेनानी मित्र को दी थी। वह अपना दामाद एक आज़ादी का सिपाही चाहती थीं न कि अंग्रेज़ों की चाटुकारी करने वाले को।


प्रश्न 4. “लेखिका की माँ परम्परा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी।” इस कथन के आलोक में लेखिका की माँ की विशेषताएँ बताइए।

उत्तर – लेखिका की माँ बेरिस्टर की बेटी थीं। वे अपनी माँ की ही भांति स्वतंत्र व्यक्तित्व की स्वामिनी थीं। उन्होंने कभी भी एक बहू, पत्नी व माँ के कर्तव्यों का पालन नहीं किया था। परन्तु फिर भी वे सारे घर की प्यारी थीं। उनके लिए लेखिका ने कहा है, कभी घर के किसी अन्य सदस्य को शायद ही कुछ कहते सुना हो। उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी कि वे एक ईमानदार स्त्री थीं। वे कभी झूठ नहीं बोलती थीं फिर चाहे कितना कड़वा सच ही क्यों न हो। यही कारण है कि घर के सभी लोग उनका आदर करते थे। वे कभी किसी की गोपनीय बात कभी दूसरे पर ज़ाहिर नहीं होने देती थीं। जिसके कारण सभी व्यक्ति उनके मित्र थे। उनकी सलाह का सभी सम्मान करते थे।


प्रश्न 5. ‘शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है’ इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर –  लेखिका बच्चों की शिक्षा के प्रति बहुत जागरूक थीं। उनके अनुसार हर बच्चे को शिक्षा पाने का अधिकार था। इसी उद्देश्य से उन्होंने कर्नाटक के छोटे से कस्बे, बागलकोट में बच्चों के लिए जहाँ स्कूल का अभाव था, कैथोलिक बिशप से स्कूल खोलने का आग्रह किया। चूंकि वहाँ क्रिश्चयन बच्चों की संख्या अधिक नहीं थी इसलिए बिशप ने उनकी दरखास्त को नामंजूर कर दिया। लेखिका इससे हताश नहीं हुईं अपितु अपने प्रयासों से उन्होंने तीन भाषाएँ पढ़ाने वाला (अंग्रेज़ी, हिंदी, कन्नड़) स्कूल स्वयं आरंभ कर दिया और उसे वहाँ मान्यता भी दिलवाई।


प्रश्न 6. लेखिका (मृदुला गर्ग) 15 अगस्त, 1947 का स्वतंत्रता समारोह देखने क्यों न जा सकी ?

उत्तर – 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिलने पर लेखिका इंडिया गेट पर जाकर आज़ादी का समारोह देखना चाहती थी, परंतु टाइफाइड के कारण न जा सकी। उस समय वह नौ वर्ष की थी।


प्रश्न 7. लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं फिर भी उनके व्यक्तित्व से वे क्यों प्रभावित थीं ?

उत्तर – लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा नहीं था, परंतु फिर भी वे उनके व्यक्तित्व से इसलिए प्रभावित थीं क्योंकि नानी के बारे में उन्होंने अपनी माँ और अन्य रिश्तेदारों से अनेक बातें सुनी थीं। नानी एक पढ़ी-लिखी, आधुनिक, साहसी, स्वतंत्र विचारों वाली, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील स्त्री थीं। लेखिका को यह जानकर आश्चर्य और गर्व होता था कि जिस समय स्त्रियाँ परदा-प्रथा, रूढ़ियों और सीमाओं में बंधी रहती थीं, उस समय नानी ने डिग्री लेकर पढ़ाई की, स्वतंत्र रूप से निर्णय लिए, पति की इच्छाओं पर निर्भर नहीं रहीं, और अपनी जीवन-शैली अपनी पसंद के अनुसार बनाई। नानी के ऐसे उन्नत, स्वतंत्र और दृढ़ चरित्र ने लेखिका को गहराई से प्रभावित किया। उन्हें लगा कि नानी जैसी स्त्री उस समय के समाज में एक अलग स्थान रखती थीं और यही बात लेखिका को प्रभावित करती थी।


Chapter 3 – रीढ़ की हड्डी Important Questions 2026


प्रश्न 1. ‘रीढ़ की हड्डी’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। Most Important
OR
‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी का क्या उद्देश्य है ?

उत्तर –  ‘रीढ़ की हड्डी’ शीर्षक एकांकी की भावना को प्रकट करने के लिए अत्यंत उपयुक्त है। रीढ़ शरीर का ऐसा अंग है जो उसे सीधा रखता है, संतुलन बनाए रखता है और लचीलापन प्रदान करता है। जिस प्रकार शरीर में रीढ़ की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार समाज में भी रीढ़ यानी साहस, आत्मबल और दृढ़ सोच की आवश्यकता होती है। इस एकांकी में उमा का चरित्र उस मजबूत रीढ़ की हड्डी का प्रतीक है जो अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़ी होती है। दूसरी ओर, शंकर जैसे लोग रीढ़हीन व्यक्तित्व के प्रतीक हैं, जो समाज की रूढ़ियों और परिवार की झूठी प्रतिष्ठा के दबाव में जीते हैं। ऐसे लोग बिना सोच-समझ के दूसरों के इशारे पर चलते हैं और समाज के लिए केवल बोझ बनते हैं। अतः ‘रीढ़ की हड्डी’ एक प्रतीक है साहसी, आत्मनिर्भर और सच के लिए खड़े होने वाले व्यक्तित्व का, जो इस एकांकी का केंद्रीय संदेश भी है।


प्रश्न 2. ‘रीढ़ की हड्डी’ पाठ के आधार पर रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।

उत्तर –

  • रामस्वरूप – रामस्वरूप एक समझौतावादी व्यक्ति हैं। वे परिस्थितियों के दबाव में अपनी पुत्री उमा को पढ़ाते तो हैं, परंतु विवाह के समय उसकी शिक्षा को छिपाने की कोशिश करते हैं। वे अपनी पुत्री से स्नेह करते हैं और उसके भविष्य की चिंता में रहते हैं, लेकिन रीढ़विहीन होने के कारण समाज का खुलकर सामना नहीं कर पाते।
  • गोपाल प्रसाद – गोपाल प्रसाद रोबदार और चतुर व्यक्ति हैं। वकालत करने के कारण उनके स्वभाव में घमंड और आत्मविश्वास है। वे हँसमुख भी हैं, लेकिन व्यवहार में व्यावहारिक और अवसरवादी हैं। वे अपने बीमार और अयोग्य बेटे के लिए ऐसी लड़की चाहते हैं जो अधिक पढ़ी-लिखी न हो और पति के सामने कभी आवाज़ न उठा सके।

प्रश्न 3. उमा का स्वर आज की नारी का स्वर है। ‘रीढ़ की हड्डी’ पाठ के आधार पर अपने विचार लिखिए।

उत्तर – ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी में उमा का चरित्र आज की शिक्षित, सशक्त और स्वाभिमानी नारी का प्रतीक है। वह पितृसत्तात्मक सोच और रूढ़िवादी परंपराओं के सामने झुकने के बजाय निडरता से अपना पक्ष रखती है। उमा का व्यक्तित्व आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और अपने सम्मान की रक्षा के लिए लड़ने की क्षमता दिखाता है, जो आधुनिक महिला की पहचान है।


प्रश्न 4. शंकर की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। Most Important

उत्तर – शंकर एक सरल, ईमानदार और परिश्रमी व्यक्ति है। वह आत्मसम्मानी होने के साथ-साथ सहनशील और धैर्यवान भी है। वह दूसरों की सहायता करने वाला तथा संवेदनशील स्वभाव का पात्र है। उसकी चारित्रिक विशेषताएँ उसे एक प्रेरणादायक व्यक्ति बनाती हैं।


प्रश्न 5. शंकर जैसे लड़के या उमा जैसी लड़की, समाज को कैसे व्यक्तित्व की जरूरत है ? तर्क सहित उत्तर दीजिए। Most Important

उत्तर – उमा जैसी लड़की ही समाज के लिए सही व्यक्तित्व है। वह निडर है, साहसी भी है। जहाँ एक ओर माता-पिता का सम्मान रखते हुए वह गोपाल प्रसाद जी व उनके लड़के शंकर के सम्मुख खड़ी हो जाती है, उनके कहने पर वह गीत भी गाती है तो दूसरी तरफ़ निर्भयता पूर्वक गोपाल जी को उनकी कमियों का एहसास कराते हुए तनिक भी नहीं हिचकती। उसमें आत्मसम्मान की भावना है। उसी आत्मसम्मान के लिए वह अपना मुँह भी खोलती है।


 

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