Most of students search over Google for Haryana Board (HBSE) Important Questions 2026. Here is the Main reason because HBSE Board Says that in HBSE Exam 2026 (last 3 Years of Questions will Repeat) so that here are the selected List of Questions of Haryana Board For Class 9.
HBSE Class 9 Hindi क्षितिज Important Question Answer 2026
गद्य खंड
HBSE Class 9 Hindi पाठ 1 – दो बैलों की कथा Important Questions 2026
प्रश्न 1. किन घटनाओं से पता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी ?
उत्तर – दोनों बैल आपस में सींग मिलाकर और एक दूसरे को चाट कर अपना प्रेम प्रकट करते हैं। दोनों एक साथ नांद में मुह डालते हैं और एक साथ हटा लेते हैं। हाल में जोत दिए जाने पर दोनों की कोशिश यह रहती है कि ज्यादा से ज्यादा बोझ उसी की गर्दन पर रहे। गया के घर से रस्सी थोड़ा कर भी दोनों एक साथ ही भागे थे। कांजी होश में मोती के आजाद होते हुए भी वह हीरा को छोड़कर नहीं भागा जबकि सभी जानवरों को भगाने के लिए उसने दीवार भी तोड़ दी। दोनों ने मिलकर एक खतरनाक सांड को भी हरा दिया था। इन सब घटनाओं से पता लगता है कि उन दोनों के बीच में गहरी दोस्ती थी।
प्रश्न 2. छोटी बच्ची (लड़की) किसकी बेटी थी और उसने बैलों को रोटियाँ क्यों खिलाई ?
उत्तर – दो बैलों की कथा” में छोटी बच्ची गया (झूरी के साले) की बेटी थी। वह बैलों (हीरा-मोती) को रोटियाँ इसलिए खिलाती थी क्योंकि वह दयालु थी, उसकी माँ मर चुकी थी और सौतेली माँ उसे मारती थी, जिससे उसे भूखे बैलों के प्रति सहानुभूति और आत्मीयता महसूस हुई।
प्रश्न 3. छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?
उत्तर – छोटी बच्ची अनाथ थी। उसके साथ घर में बुरा व्यवहार किया जाता था। वैसा ही व्यवहार उन बैलो के साथ भी किया जा रहा था। इसीलिए छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम उमड़ आया।
प्रश्न 4. कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी?
उत्तर – कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी इसीलिए ली जाती होगी ताकि उनका पता लगाया जा सके कि कहीं कोई जानवर भाग या मर तो नहीं गया है।
प्रश्न 5. ‘लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो’। हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- लेखक ने हीरा के इस कथन के माध्यम से इस ओर संकेत किया है कि हमारे समाज में स्त्रियों को हमेशा मारा पीटा जाता है। स्त्रियों को पुरुषों की इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत करना पड़ता है। जबकि हर जगह यही बताया जाता है कि औरतों की इज्जत करनी चाहिए। इसके बावजूद भी स्त्रियों को प्रताड़ित किया जाता है
HBSE Class 9 Hindi पाठ 2 – लहासा की ओर Important Questions 2026
प्रश्न 1. तिब्बत यात्रा के दौरान लेखक को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ?
OR
अपनी यात्रा के दौरान लेखक को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ?
उत्तर- लेखक को अपनी यात्रा के दौरान बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में उसको कठिन चढ़ाई चढ़नी पड़ी। उसके बाद उसको डाकू का डर लगा हुआ था। आगे बढ़ने पर उसको जो घोड़ा मिला वह बहुत सुस्त था। जिसके चलते वह अपने साथियों से काफी पिछड़ गया। यात्रा में आगे बढ़ते हुए उसको अपना सामान भी अपने कंधों पर ढोना पड़ा। रास्ते में खाने को जो कुछ मिला, उसी से अपना पेट भरना पड़ा।
प्रश्न 2. ‘ल्हासा की ओर’ पाठ में लेखक को भिखमंगे के भेष में यात्रा क्यों करनी पड़ी ?
उत्तर – ल्हासा की ओर’ पाठ में लेखक राहुल सांकृत्यायन को भिखमंगे के भेष में यात्रा इसलिए करनी पड़ी क्योंकि उस समय भारतीयों को तिब्बत यात्रा की अनुमति नहीं थी। साथ ही, रास्ते में डाकुओं का बहुत डर था, और भेष बदलकर वे सुरक्षा की दृष्टि से निर्जन और खतरनाक जगहों (डाँड़ा, थोङ्ला) को आसानी से पार कर सकते थे।
प्रश्न 3. लेखक लंङकोर के मार्ग में अपने साथियों से किस कारण पिछड़ गया ? Most Important
उत्तर- लेखक लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से काफी पिछड़ गया क्योंकि उसका थोड़ा बहुत धीरे-धीरे चल रहा था और अगर वह घोड़े पर अधिक जोर लगाता तो उसकी चाल और धीमी पड़ जाती थी। आगे जाकर उसको दो रास्ते दिखाई पड़े। जिसमें वह बाएं रास्ते पर मिल- डेढ मिल चला गया और उसके बाद उसको पता लगा कि वह रास्ता गलत है। लङ्कोर का रास्ता तो दाहिने वाला था। वापिस आकर उसने अब उसी रास्ते को पकड़ा। जिसके कारण लेखक अपने साथियों से काफी पिछड़ गया।
प्रश्न 4. लेखक ने शेकर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका, परंतु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया?
उत्तर – दूसरी बार लेखक ने सुमति को रोकने का प्रयास इसीलिए नहीं किया क्योंकि इस समय वह बुद्धवचन की 103 पोथियों के बीच था। जिनमें से एक एक पोथी 15-15 सेर से कम नहीं थी और वह इन्हें पढ़ना चाहता था।
प्रश्न 5. उस समय के तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को किस प्रकार का भय बना रहता था ?
उत्तर- उस समय के तिब्बत में हथियार का कानून न होने के कारण वहां के लोगों को अपने साथ हथियार लेकर चलना पड़ता था। क्योंकि यहां पर डकैत यात्रियों को मारकर उनका सामान लूट लेते थे। अपनी जान और सामान का भय वहां से गुजरते समय यात्रियों को बना रहता था।
प्रश्न 6. प्रस्तुत यात्रा वृत्तांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती समाज कैसा था ?
उत्तर – उस समय के समाज में कानून व्यवस्था बहुत खराब थी। हथियारों का कानून न होने के कारण वहां पर लोग अपने साथ बंदूक खुलेआम लिए घूमते थे। पहाड़ी इलाकों में डाकू का डर बना रहता था। जो उनको किसी भी वक्त गोली मारकर लूट लेते थे। उस समय वहां पर कोई भी जाती-पाती, छुआछूत का भेदभाव नहीं था। वहां पर स्त्रियां पर्दा नहीं करती थी और अपरिचितों को भी घर में अंदर तक जाने की अनुमति थी। श्याम के समय वहां पर लगभग सभी लोग छड़ पीकर अपना होश गवा बैठे थे।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 3 – उपभोक्तावाद की संस्कृति Important Questions 2026
प्रश्न 1. आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रही है ?
उत्तर – आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे जीवन पर हावी हो रही है। मनुष्य आधुनिक बनने की होड़ में बौद्धिक दासता स्वीकार कर रहे हैं, पश्चिम की संस्कृति का अनुकरण किया जा रहा है। आज उत्पाद को उपभोग की दृष्टि से नहीं बल्कि महज दिखावे के लिए खरीदा जा रहा है। विज्ञापनों के प्रभाव से हम दिग्भ्रमित हो रहे हैं।
प्रश्न 2. सामाजिक नींव को किससे खतरा है और क्यों ? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर बताइए।
उत्तर – ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के अनुसार सामाजिक नींव को उपभोक्तावाद से खतरा है। उपभोक्तावाद समाज में स्वार्थ और भौतिकता को बढ़ावा देता है। लोग मानवीय रिश्तों और मूल्यों की तुलना में धन और वस्तुओं को अधिक महत्व देने लगते हैं। इससे सादगी, सहयोग और नैतिकता जैसे सामाजिक मूल्य कमजोर हो जाते हैं। समाज लालच, प्रतिस्पर्धा और असमानता के कारण विभाजित होने लगता है। इस प्रकार उपभोक्तावाद सामाजिक ढाँचे की नींव को कमजोर करता है।
प्रश्न 3. लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है?
उत्तर – लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती इसलिए कहा है क्योंकि इसने हमारी परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक अस्मिता को कमजोर कर दिया है। लोग अब विज्ञापनों से प्रभावित होकर जीवन जी रहे हैं, जिससे विवेक, मर्यादा और संबंधों की गरिमा घटती जा रही है। उपभोक्तावाद ने समाज में दिखावा, असंतोष और मानसिक तनाव बढ़ा दिया है। लेखक के अनुसार यह न केवल वर्तमान, बल्कि भविष्य के लिए भी एक गंभीर खतरा है।
प्रश्न 4. पाठ ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही ‘दिखावे की संस्कृति’ पर विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर -“जो दिखता है वही बिकता है”। आज के युग ने इसी कथ्य को स्वीकारा है। ज़्यादातर लोग अच्छे विज्ञापन, उत्पाद के प्रतिष्ठा चिह्न को देखकर प्रभावित होते हैं। दिखावे की इस संस्कृति ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दूरियाँ बढ़ा दी है। यह संस्कृति मनुष्य में भोग की प्रवृति को बढ़ावा दे रही है। हमें इस पर नियंत्रण करना चाहिए।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 4 – सांवले सपनों की याद Important Questions 2026
प्रश्न 1. सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अचाह सागर बनकर उभरे थे। पक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – टापू बंधन तथा सीमा का प्रतीक है और सागर की कोई सीमा नहीं होती है। उसी प्रकार सालिम अली भी बंधन मुक्त होकर अपनी खोज करते थे। उनके खोज की कोई सीमा नहीं थी।
प्रश्न 2. किस घटना ने सालीम अली के जीवन की दिशा को बदल दिया और उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया?
उत्तर – बचपन में एक बार मामा की दी हुई एयरगन से सालिम अली ने एक गौरैया का शिकार किया। मामा से गौरैया के बारे में जानकारी माँगनी चाही तो मामा ने उन्हें बाम्बे नैचुरल हिस्ट्री सोसायटी [बी.एन.एच.एस] जाने के लिए कहा। बी.एन.एच.एस से इन्हें गौरैया की पूरी जानकारी मिली। उसी समय से सालिम अली के मन में पक्षियों के बारे में जानने की इतनी उत्सुकता जगी कि उन्होंने पक्षी विज्ञान को ही अपना करियर बना लिया।
प्रश्न 3. ‘सांवले सपनों की याद’ शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए
OR
‘साँवले सपनों की याद’ पाठ का मूलभाव स्पष्ट कीजिए
उत्तर – यह रचना लेखक जाबिर हुसैन द्वारा अपने मित्र सालिम अली की याद में लिखा गया संस्मरण है। पाठ को पढ़ते हुए इसका शीर्षक “साँवले सपनों की याद” अत्यंत सार्थक प्रतीत होता है। लेखक का मन अपने मित्र से बिछड़ कर दु:खी हो जाता है, अत: वे उनकी यादों को ही अपने जीने का सहारा बना लेते हैं।
प्रश्न 4. लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि “मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है?”
उत्तर – लॉरेंस का व्यक्तित्व बिल्कुल साधारण तथा इतना खुला-खुला सा था कि उनके बारे में किसी से कुछ छिपा नहीं था। इसलिए फ्रीडा कहती है कि लॉरेन्स के बारे में एक गोरैया भी ढ़ेर सारी बातें बता सकती है।
प्रश्न 5. पाठ ‘साँवले सपनों की याद’ में लेखक ने सालिम अली के व्यक्तित्व का जो चित्र खींचा है उसे अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर – प्रकृति प्रेमी सालिम अली एक विचारशील व्यक्ति थे। प्रकृति तथा पक्षियों के प्रति उनके मन में कभी न खत्म होने वाली जिज्ञासा थी। उनका जीवन काफी रोमांचकारी था तथा उनका स्वभाव भ्रमणशील था। कभी-भी किसी-भी वक्त वे पक्षियों के बारे में पता करने निकल जाते थे।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 5 – प्रेमचंद के फटे जूते Important Questions 2026
प्रश्न 1. ‘प्रेमचन्द के फटे जूते’ पाठ में ‘टीले’ शब्द का प्रयोग किन संदर्भों को इंगित करने के लिए किया गया है ?
उत्तर – ‘टीला’ सामान्यत: मिट्टी या रेती का ढेर होता है, लेकिन यहाँ यह शब्द समाज में आने वाली बाधाओं और अड़चनों का प्रतीक है। प्रेमचंद इस शब्द के माध्यम से समाज की कुरीतियों और बुराइयों को दर्शाते हैं, जो व्यक्ति और समाज के विकास में रुकावट डालती हैं। प्रेमचंद इन कुरीतियों और बुराइयों को अपने जूते से ठोकर मारकर अपने और समाज के रास्ते से दूर करने का प्रयास करते हैं।
प्रश्न 2. हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्द चित्र प्रस्तुत किया है उसे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएं उभर कर आती हैं?
उत्तर – प्रेमचंद के व्यक्तित्व की विशेषताएँ –
- प्रेमचंद का व्यक्तित्व बहुत ही सीधा-सादा था, उनके व्यक्तित्व में दिखावा नहीं था।
- प्रेमचंद एक स्वाभिमानी व्यक्ति थे। किसी और की वस्तु माँगना उनके व्यक्तित्व के खिलाफ़ था।
- उन्हें समझौता करना मंजूर नहीं था।
- वे परिस्थितियों के गुलाम नहीं थे। किसी भी परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करना उनके व्यक्तित्व की विशेषता थी।
प्रश्न 3. “जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं।” पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए
उत्तर – यहाँ पर जूते का आशय समृद्धि से है तथा टोपी मान, मर्यादा तथा इज्जत का प्रतीक है। वैसे तो इज़्जत का महत्व सम्पत्ति से अधिक है। परन्तु आज की परिस्थिति में इज़्जत को समाज के समृद्ध एवं प्रतिष्ठित लोगों के सामने झुकना पड़ता है।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 6 – मेरे बचपन के दिन Important Questions 2026
प्रश्न 1. लेखिका उर्दू-फारसी क्यों नहीं सीख पाई ?
उत्तर – ‘मेरे बचपन के दिन’ पाठ की लेखिका महादेवी वर्मा उर्दू-फारसी इसलिए नहीं सीख पाईं क्योंकि उनकी इन भाषाओं में कोई रुचि नहीं थी और वे इन्हें बहुत कठिन मानती थीं। जब उन्हें पढ़ाने के लिए मौलवी साहब आते थे, तो वह चारपाई के नीचे छिप जाती थीं, जिसके कारण वे सीख नहीं पाईं।
प्रश्न 2. ‘महादेवी वर्मा के घर का वातावरण धार्मिक था’। ‘मेरे बचपन के दिन’ पाठ के आधार पर बताइए।
उत्तर – ‘मेरे बचपन के दिन’ पाठ के आधार पर महादेवी वर्मा के घर का वातावरण धार्मिक, सांस्कृतिक और रूढ़िवादी था, लेकिन साथ ही उदार भी था। उनके परिवार में पूजा-पाठ, बड़ों के प्रति आदर और भारतीय परंपराओं का गहरा प्रभाव था। घर में हिंदी-संस्कृत का ज्ञान और मीरा के पद गाने वाली माँ के साथ-साथ दादाजी की धार्मिक दिनचर्या (पूजा-पाठ) थी।
प्रश्न 3. लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की किन-किन विशेषताओं का उल्लेख किया है ? ‘मेरे बचपन के दिन’ पाठ के आधार पर बताइए। Most Important
उत्तर – लेखिका ने माँ के व्यक्तित्व की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया है :-
(1) उनके परिवार में केवल उनकी माँ को ही हिंदी आती थी।
(2) वे पूजा-पाठ भी बहुत करती थीं।
(3) उनकी माँ को थोड़ी संस्कृत भी आती थी।
(4) “गीता” में उन्हें विशेष रुचि थी।
काव्य खंड
HBSE Class 9 Hindi पाठ 7 – साखियां एवं सबद Important Questions 2026
प्रश्न 1. ‘आँधी पाछे जो जल बूढ़ा, प्रेम हरि जन भीनां ? पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ज्ञान की आँधी के पश्चात् जो जल बरसा उस जल से मन हरि अर्थात् ईश्वर की भक्ति में भीग गया।
प्रश्न 2. ‘मानसरोवर सुभर जल, हंसा केलि कराहिं’ —इस पंक्ति में मानसरोवर, जल व हंस का गूढ़ अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – कबीरदास जी के इस दोहे में रूपक अलंकार के माध्यम से आध्यात्मिक अर्थ छिपा है। मानसरोवर का अर्थ है ‘पवित्र मन या हृदय’, सुभर जल का अर्थ है ‘भक्ति व ज्ञान रूपी स्वच्छ जल’, और हंस का अर्थ है ‘जीवात्मा (आत्मा)’। यह पंक्ति बताती है कि जब मन रूपी सरोवर भक्ति के जल से पूरी तरह भर जाता है, तो उसमें जीवात्मा रूपी हंस आनंद से क्रीड़ा करते हैं और मोक्ष रूपी मोती चुगते हैं।
प्रश्न 3. मनुष्य ईश्वर को कहाँ-कहाँ ढूँढता फिरता है ?
उत्तर – मनुष्य ईश्वर को मंदिर, मस्जिद, काबा, कैलाश आदि बाहरी स्थानों पर ढूँढ़ता फिरता है, जबकि वह स्वयं के भीतर ही विराजमान है।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 8 – वाख Important Questions 2026
प्रश्न 1. कवयित्री ललद्यद ने समाज में प्रचलित किस सामाजिक बुराई का विरोध किया है ?
उत्तर – कवयित्री ललद्यद (ललहद) ने अपने ‘वाखों’ (काव्य शैली) के माध्यम से मध्यकालीन समाज में व्याप्त रूढ़ियों, धार्मिक आडंबरों, जाति-पाति, भेदभाव, छुआछूत और मूर्ति पूजा जैसी सामाजिक बुराइयों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने धार्मिक संकीर्णता से ऊपर उठकर प्रेम, समानता और मानवीय एकता का संदेश दिया।
प्रश्न 2. कवयित्री का ‘घर जाने की चाह’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर – कवयित्री का ‘घर जाने की चाह’ से तात्पर्य प्रभु से मिलन है। उसके अनुसार जहाँ प्रभु हैं वहीं उसका वास्तविक घर है।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 9 – सवैये Important Questions 2026
प्रश्न 1. गोपियाँ श्रीकृष्ण की मुरली से क्यों जलती थी ?
उत्तर – गोपियाँ श्रीकृष्ण की मुरली से इसलिए जलती थीं क्योंकि वे उसे अपनी ‘सौतन’ मानती थीं। मुरली हमेशा कृष्ण के होठों से लगी रहती थी और उन पर राज करती थी, जिससे गोपियों को लगता था कि वह उनका समय और प्रेम छीन रही है। वे इसे अपनी सौत मानकर ईर्ष्या के कारण कभी-कभी छिपा भी देती थीं।
प्रश्न 2. सखी ने गोपी से कृष्ण का कैसा रूप धारण करने का आग्रह किया था ? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर – वह गोपी को श्री कृष्ण के मोहित रुप को धारण करने का आग्रह करती है जिसमें श्री कृष्ण पीताम्बर डाल हाथ में लाठी लिए हुए सिर पर मोर मुकुट व गले में गुंजों की माला पहने हुए रहते हैं। उसी रुप में वह दूसरी गोपी को देखना चाहती है ताकि उसके द्वारा धारण किए श्री कृष्ण के रुप में वह उनके दर्शनों का सुख प्राप्त कर अपने प्राणों की प्यास को शांत कर सके।
प्रश्न 3. ब्रजभूमि के प्रति रसखान का प्रेम किन-किन रूपों में व्यक्त हुआ है ? Most Important
उत्तर – रसखान जी अगले जन्म में ब्रज के गाँव में ग्वाले के रूप में जन्म लेना चाहते हैं ताकि वह वहाँ की गायों को चराते हुए श्री कृष्ण की जन्मभूमि में अपना जीवन व्यतीत कर सकें। श्री कृष्ण के लिए अपने प्रेम की अभिव्यक्ति करते हुए वे आगे व्यक्त करते हैं कि वे यदि पशु रुप में जन्म लें तो गाय बनकर ब्रज में चरना चाहते हैं ताकि वासुदेव की गायों के बीच घूमें व ब्रज का आनंद प्राप्त कर सकें और यदि वह पत्थर बने तो गोवर्धन पर्वत का ही अंश बनना चाहेंगे क्योंकि श्री कृष्ण ने इस पर्वत को अपनी अगुँली में धारण किया था। यदि उन्हें पक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त होगा तो वहाँ के कदम्ब के पेड़ों पर निवास करें ताकि श्री कृष्ण की खेल क्रीड़ा का आनंद उठा सकें। इन सब उपायों द्वारा वह श्री कृष्ण के प्रति अपने प्रेम की अभिव्यक्ति करना चाहते हैं।
प्रश्न 4. रसखान का ब्रज के वन, बाग और तालाब को निहारने के पीछे क्या कारण हैं ?
उत्तर – रसखान जी श्री कृष्ण से प्रेम करते हैं। जिस वन, बाग और तालाब में श्री कृष्ण ने विभिन्न प्रकार की क्रीड़ा की है, उन्हें निहारते रहना चाहते हैं। ऐसा करके उन्हें अत्यंत सुख प्राप्त होता है। ये सुख ऐसा है जिस पर संसार के समस्त सुखों को न्योछावर किया जा सकता है। इनके कण-कण में श्री कृष्ण का ही वास है ऐसा रसखान को प्रतीत होता है और इस दिव्य अनुभूति को वे त्यागना नहीं चाहते। इसलिए इन्हें निहारते रहते हैं। इनके दर्शन मात्र से ही उनका हृदय प्रेम से गद-गद हो जाता है।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 10 – कैदी और कोकिला Important Questions 2026
प्रश्न 1. कवि माखनलाल चतुर्वेदी कोयल की अपेक्षा स्वयं को हीन महसूस क्यों कर रहे हैं।
उत्तर – कविता ‘कैदी और कोकिला’ में कवि अपनी पराधीनता और कोयल की स्वतंत्रता के कारण स्वयं को हीन महसूस करते हैं। कोयल आजाद होकर आकाश में गूंज रही है, जबकि कवि काल-कोठरी में कैद है और उसका रोना भी अपराध माना जाता है। यह विषमता (अंतर) उन्हें कोयल से हीन बनाती है।
प्रश्न 2. कवि माखनलाल चतुर्वेदी ने हथकड़ियां को गहना क्यों कहा है? Most Important
उत्तर – कवि ने हथकड़ियों की तुलना गहनों से व्यंग्य के रूप में की है। सामान्य परिस्थितियों में गहने सौंदर्य और सम्मान का प्रतीक होते हैं, लेकिन यहाँ कवि के लिए हथकड़ी गहने की तरह बन गई है क्योंकि यह उसे ब्रिटिश सरकार ने पहनाई है। यह केवल लोहे की बेड़ियाँ नहीं हैं, बल्कि अंग्रेज़ों द्वारा दी गई पराधीनता का प्रतीक हैं। कवि यह दर्शाना चाहता है कि स्वतंत्रता सेनानी के लिए यह हथकड़ियाँ उसकी बेबसी और कैद का द्योतक हैं। जहाँ गहना सजावट और शोभा बढ़ाता है, वहीं यह हथकड़ी अंग्रेज़ी हुकूमत के अत्याचार और दमन की पहचान है। इस प्रकार कवि ने हथकड़ियों को गहना कहकर ब्रिटिश शासन की क्रूरता और पराधीनता की ओर गहरा संकेत किया है।
प्रश्न 3. कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है?
उत्तर – कवि को कोयल से ईर्ष्या हो रही है इसका सबसे बड़ा कारण कोयल की स्वतंत्रता तथा कवि की पराधीनता है। कवि अंग्रेज़ी सरकार की काल-कोठरी में कैद है परन्तु कोयल हरियाली डाली पर रहती है। वह पूरे आकाश में स्वतंत्र उड़ सकती है परन्तु कवि की दुनिया काल-कोठरी के अंधकारमय जीवन में सिमटकर रह गई है। कोयल गीत गाकर अपनी खुशी ज़ाहिर कर सकती है परन्तु कवि के लिए रोना भी गुनाह है जिसकी उसे सज़ा मिल सकती है।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 11 – ग्राम श्री Important Questions 2026
प्रश्न 1. गांव को ‘मरकत डिब्बे सा खुला’ क्यों कहा गया है?
उत्तर – ‘मरकत’ ‘पन्ना’ नामक रत्न को कहते हैं। जिसका रंग हरा होता है। मरकत के खुले डिब्बे से सब कुछ साफ़-साफ़ दिखता है। मरकत के हरे रंग की तुलना गाँव की हरियाली से की गई है। गाँव का वातावरण भी मरकत के खुले डिब्बे के समान हरा भरा तथा खुला-खुला सा लगता है। इसलिए गाँव को ‘मरकत डिब्बे सा खुला’ कहा गया है।
प्रश्न 2. कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन किया गया है? ‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर बताइए।
उत्तर – ‘ग्राम श्री’ कविता में वसंत ऋतु के सौंदर्य का वर्णन किया गया है। इसमें खेतों में लहलहाती सरसों की पीली फसल, आमों के बौर, हरियाली, फल-फूलों से लदे पेड़ और ग्रामीण परिवेश के मनोरम दृश्यों के माध्यम से बसंत का चित्रण किया गया है।
प्रश्न 3. कवि ने गाँव को ‘हरता जन मन’ क्यों कहा है?
उत्तर – गाँव का वातावरण अत्यंत मनमोहक है। यहाँ प्रकृति का सौंदर्य सभी लोगों के मन को अच्छा लगता है। इसलिए कवि ने गाँव को ‘हरता जन मन’ कहा है।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 12 – मेघ आए Important Questions 2026
प्रश्न 1. लता ने बादल रूपी मेहमान को किस तरह देखा और क्यों?
उत्तर – लता ने बादल रुपी मेहमान को किवाड़ की ओट से देखा क्योंकि वह मेघ के देर से आने के कारण व्याकुल हो रही थी तथा संकोचवश उसके सामने नहीं आ सकती थी।
प्रश्न 2. मेघों के लिए ‘बन-ठन के, सँवर के’ आने की बात क्यों कही गई है?
उत्तर – बहुत दिनों तक न आने के कारण गाँव में मेघ की प्रतीक्षा की जाती है। जिस प्रकार मेहमान (दामाद) बहुत दिनों बाद आते हैं, उसी प्रकार मेघ भी बहुत समय बाद आए हैं। अतिथि जब घर आते हैं तो सम्भवत: उनके देर होने का कारण उनका बन-ठन कर आना ही होता है। कवि ने मेघों में सजीवता डालने के लिए मेघों के ‘बन-ठन के, सँवर के’ आने की बात कही है।
प्रश्न 3. ‘मेघ आए’ कविता में किस संस्कृति का वर्णन किया गया है ? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर – ‘मेघ आए’ कविता में ग्रामीण संस्कृति का वर्णन है। बादलों के आगमन पर उल्लास का वातावरण बनना, हवा चलना, पेड़ पौधों का झूमना, आँधी चलना, धूल उड़ना, लता का पेड़ की ओट में छिपना बादलों का गहराना, बिजली का चमकना, बरसात होना आदि सभी ग्रामीण संस्कृति से ही संबंधित हैं।
प्रश्न 4. मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए?
उत्तर – मेघ के आगमन से दरवाज़े-खिड़कियाँ खुलने लगे। हवा के तेज़ बहाव के कारण आँधी चलने लगती है जिससे पेड़ अपना संतुलन खो बैठते हैं, कभी उठते हैं तो कभी झुक जाते हैं। धूल रुपी आँधी चलने लगती है। हवा के चलने से संपूर्ण वातावरण प्रभावित होता है – नदी की लहरें भी उठने लगती है, पीपल का पुराना वृक्ष भी झुक जाता है, तालाब के पानी में उथल-पुथल होने लगती है। अन्तत: बिजली कड़कती है और आसमान से मेघ पानी के रुप में बरसने लगते हैं।
HBSE Class 9 Hindi पाठ 13 – बच्चे काम पर जा रहे हैं Important Questions 2026
प्रश्न 1. बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है ? Most Important
उत्तर – आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। यदि समाज में बच्चों की प्रगति पर अंकुश लगा दिया जाए तो देश का भविष्य अंधकारपूर्ण होगा। हमारा देश एक प्रगतिशील देश है। बच्चे भी इस प्रगति का एक अभिन्न अंग हैं। सभी बच्चे एक समान हैं। उनको बचपन से वंचित करना समाज के लिए अमानवीय कर्म है। इसलिए बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान है ।
प्रश्न 2. बच्चे काम पर जा रहे हैं, यह एक भयानक प्रश्न क्यों है ? कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।
उत्तर – कविता “बच्चे काम पर जा रहे हैं” में यह प्रश्न इसलिए भयानक है क्योंकि यह बाल-मजदूरी, बच्चों के बचपन के छिन जाने और सामाजिक-आर्थिक असमानता की भयावह हकीकत को दर्शाता है। यह समाज के लिए कलंक है क्योंकि खेल-शिक्षा की उम्र में बच्चों का काम करना उनके शारीरिक-मानसिक विकास को रोकता है, जो एक बड़ा हादसा है।
प्रश्न 3. सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं ? क्या वास्तव में सारे उपकरण मिट गए हैं ? ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं’ कविता के आधार पर लिखिए।
उत्तर – सुविधा तथा मनोरंजन के उपकरणों से वंचित होने का एक मात्र कारण समाज में व्याप्त वर्ग विभेद है। निम्नश्रेणी के बच्चों की आर्थिक स्थिति खराब है। अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वे आय का ज़रिया मात्र बनकर रह गए हैं। जहाँ जीविका के लिए आर्थिक तंगी हो वहाँ मनोरंजन के साधन तथा जीवन के अन्य सुख-सुविधाओं की कल्पना करना भी असंभव जान पड़ता है।