HBSE Class 12 वितान Important Question Answer 2026

Most of students search over Google for Haryana Board (HBSE) Important Questions 2026. Here is the Main reason because HBSE Board Says that in HBSE Exam 2026 (last 3 Years of Questions will Repeat) so that here are the selected List of Questions of Haryana Board For Class 12.


HBSE Class 12 वितान Important Question Answer 2026


Chapter – 1 सिल्वर वेडिंग


प्रश्न 1. यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल कैसे होती है ? Most Important

उत्तर –  यशोधर बाबू की पत्नी अपने मूल संस्कारों से आधुनिक नहीं थी। लेकिन उसके बच्चे आधुनिक विचारों के थे। उनकी मां हमेशा उनका साथ देती थी। जबकि यशोधर बाबू को यह सब बिल्कुल भी पसंद नहीं था। इसी वजह से यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल हो जाती है।


प्रश्न 2. सिल्वर वैडिंग कहानी का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए। Most Important
OR

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।

उत्तर –  सिल्वर वेडिंग कहानी में पुरानी संस्कृति और आधुनिक संस्कृति के बीच का अंतर दर्शाया गया है। एक तरफ जहां यशोधर बाबू पुरानी सोच के व्यक्ति हैं वही उसका बाकी परिवार आधुनिक सोच रखता है। जिसकी वजह से यशोधर बाबू परिवार के साथ तालमेल नहीं बिठा पाते। इस कहानी में दर्शाया गया है कि आधुनिक पीढ़ी मानवीय मूल्यों को ताक पर रख रही है जबकि पुरानी पीढ़ी के लोग अपनी संस्कृति को बचाने में लगे हैं।


प्रश्न 3. किशनदा ने यशोधर बाबू की सहायता किस प्रकार से की ?
या
किशनदा और यशोधर पंत की मित्रता की समीक्षा कीजिए।

उत्तर –  किशनदा और यशोधर पंत अच्छे दोस्त थे। यशोधर पंत अल्मोड़ा से यहां दिल्ली सरकारी नौकरी की तलाश में आए थे। लेकिन उनकी उम्र कम थी। जब तक सही उम्र नहीं हुई तब तक यशोधर किशनदा के यहां पर रसोइया बन कर ही रहे। बाद में किशनदा ने यशोधर को नौकरी दिलवाई और उसके कार्य में उसका मार्गदर्शन किया। यशोधर बाबू किशनदा को अपना आदर्श समझते थे और उन्हीं की बातें माना करते थे।


प्रश्न 4. किशनदा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए ।
OR
किशनदा की कोई तीन चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर –  किशनदा एक मेहनती और संस्कारी व्यक्ति थे। वे पहाड़ी इलाके से आकर दिल्ली में नौकरी किया करते थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी विवाह नहीं किया। किशनदा पहाड़ों से आने वाले लोगों की मदद किया करते थे क्योंकि शुरुआत में किसी को भी रहने का ठिकाना नहीं मिलता था। किशनदा ने अपनी जिंदगी में कभी भी घर नहीं बनाया था। वे सरकारी क्वार्टर में रहते थे। रिटायर होने के बाद उसको कहीं पर भी आश्रय नहीं मिला। आखिरकार वे गांव लौट गए और वहीं पर अपने प्राण त्याग दिए।


प्रश्न 5. घर बनाने के विषय में यशोधर बाबू के दृष्टिकोण का उल्लेख कीजिए।
या
यशोधर बाबू ने आजीवन अपना घर क्यों नहीं बनाया ?

उत्तर –  यशोधर बाबू किशनदा की बातों से बहुत अधिक प्रभावित थे। किशनदा का कहना था कि जब तक सरकारी नौकरी तब तक सरकारी क्वार्टर। यशोधर बाबू के बीवी बच्चों ने उनसे डीडीए फ्लैट के लिए पैसा भरने के लिए कहा लेकिन वे नहीं माने। यशोधर बाबू को किशनदा की यह बात ठीक लगती है कि मूर्ख लोग घर बनाते हैं और सयाने उन में रहते हैं। इसीलिए यशोधर बाबू ने आजीवन अपना घर नहीं बनाया।


प्रश्न 6. यशोधर बाबू को भूषण ने उपहार देते समय क्या कहा और उन्हें यह सब कैसा लगा ? Most Important

उत्तर –  भूषण ने अपने पिता को उपहार देते हुए कहा ” इसे ले लीजिए। यह मैं आपके लिए लाया हूं। ऊनी ड्रेसिंग गाउन है। आप सवेरे जब दूध लेने जाते हैं अब्बा, फटा फुलोवर पहन कर जाते हैं, जो बहुत बुरा लगता है। आप इसे पहन कर ही जाया कीजिए।” यशोधर बाबू को उसके बेटे भूषण द्वारा दिया गया उपहार देखकर उनकी आंखों में चमक सी आ गई परंतु उनको यह बात भी चुभ गई कि उनका बेटा यह कह रहा है कि आप सवेरे दूध लाते समय इसे पहन लिया करें, वह यह बात नहीं कहता कि दूध मैं ले आया करूंगा।


Chapter – 2 जूझ


प्रश्न 1. ‘जूझ’ पाठ में खेत में काम करते समय लेखक का अकेलापन कैसे दूर हो गया था ? Most Important

उत्तर –  ‘जूझ’ पाठ में खेत में काम करते समय लेखक अपने अकेलेपन में कविताओं को सूर, ताल, छंद और एक सही यति-गति के साथ गाया करता था। वह कविता गाते समय अभिनय भी किया करता था। इस प्रकार लेखक का अकेलापन दूर हो गया।


प्रश्न 2. श्री सोंदलगेकर के अध्यापन की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए । Most Important

उत्तर –

  1. श्री सौंदलगेकर मराठी के अध्यापक थे। वे कविताएं पढ़ाते थे और साथ ही कविताओं की रचना भी किया करते थे।
  2. उनके पास सुरीला गला और छंद की बढ़िया चाल थी। वे कविताएं गाने के साथ साथ अभिनय भी किया करते थे।

प्रश्न 3. ‘जूझ’ पाठ में बचपन में लेखक के मन में पढ़ने के प्रति क्या विचार थे ? Most Important

उत्तर –  जूझ पाठ में लेखक बचपन से ही पढ़ने के शौकीन था। वह स्कूल जाना पसंद करता था। खेत में काम करने की बजाए आनंदा को मास्टर की छड़ी की मार भी ज्यादा अच्छी लगती थी। जब उसके पिता ने उसका स्कूल छुड़वा दिया तो उसने दत्ताजी राव को कहकर अपने पिता से स्कूल जाने की हामी भरवाई।


प्रश्न 5. मास्टर सौंदलगेकर की साहित्यिक चेतना को स्पष्ट कीजिए।
या
मास्टर सौंदलगेकर के काव्य-ज्ञान का विश्लेषण कीजिए।
या
मास्टर सौंदलगेकर के कविता-प्रेम का विवेचन कीजिए।

उत्तर –  मास्टर सौंदलगेकर कविताओं को गाते समय लय, सुर, ताल, यति, गति का पूरा ध्यान रखते थे। वे अपनी कविताएं कक्षा में सुनाया करते थे। वे कविताओं को सुनाते समय अभिनय भी किया करते थे। उनका गला सुरीला और उनके पास छंद की बढ़िया चाल थी।


प्रश्न 6. आनन्दा के दादा का कोल्हू सारे गाँव में सबसे पहले क्यों चलता था ?
या
गुड़ के विषय में दादा के व्यापारिक ज्ञान पर प्रकाश डालिए।

उत्तर –  चारों और कोल्हू चलने से बाजार में गुड़ की कीमत गिर जाती है। जिसके कारण गांव के कोल्हू में बनने वाले गुड़ की कीमत घट जाती है। दादा की समझ से गुड़ ज्यादा निकलने की अपेक्षा भाव ज्यादा मिलना चाहिए। इसलिए वे पूरे गांव में अपना कोल्हू सबसे पहले शुरू कर दिया करते थे।


प्रश्न 7. वसंत पाटील के विद्यार्थी जीवन का विवेचन कीजिए ।
या
वसंत पाटील के व्यक्तित्व का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर –  वसंत पाटिल नाम का लड़का शरीर से दुबला पतला, किंतु बहुत होशियार था। मास्टर ने उसे कक्षा मॉनिटर बना दिया था और हमेशा पहली बेंच पर बैठा करता था। वह गणित में बहुत होशियार था। बहुत बार वह दूसरे विद्यार्थियों के सवालों को भी जांचा करता था।


प्रश्न 8. दादा ने आनंदा के साथ कैसा व्यवहार किया ?
या
आनंदा के दादा की क्रूरता का विश्लेषण कीजिए ।

उत्तर –  आनंदा के दादा उसे स्कूल नहीं भेजना चाहते थे। वे खुद कोई भी काम ना करके खेत का सारा काम आनंदा से करवाते थे। आनंदा के दादा पूरा दिन रखमाबाई के पास गुजार देता था और बेचारे आनंदा को मजबूरन खेत का काम करना पड़ता था।


प्रश्न 9. ‘जूझ’ कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
या
‘जूझ’ पाठ का मुख्य भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर –  जूझ पाठ में लेखक ने आनंद नाम के एक बच्चे का पाठशाला जाने की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उसके संघर्ष का चित्रण किया है। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने जीवन में निरंतर संघर्ष करते रहने का संदेश दिया है। इस कहानी में लेखक ने यह भी दर्शाया है कि किस तरह हम अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बन सकते हैं।


Chapter – 3 अतीत में दबे पांव


प्रश्न 1. मोहनजोदड़ो में जल निकासी की व्यवस्था कैसे की गई थी ? Most Important
या
मोहनजोदड़ो में जल निकासी की व्यवस्था किस प्रकार की गई थी ?

उत्तर –  मोहनजोदड़ो में जल निकासी की व्यवस्था का एक बेहतरीन नमूना देखने को मिलता है जिसमें सड़क के दोनों तरफ ढकी हुई नालियां बनाई गई थी। घरों के अंदर से गंदा पानी नालियों से बाहर होदी तक आता था और उसके बाद बड़े नाले में जाता था। कहीं-कहीं पर नालियां बिना ढकी हुई थी।


प्रश्न 2. ‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के कथ्य पर प्रकाश डालिए। Most Important

उत्तर –  सिंधु घाटी की खुदाई के दौरान बहुत सारे शहरों का पता चला। इन शहरों में बनाए गए घर, चौड़ी सड़कें और नालियां देखने को मिलती हैं। कुछ शहर अपने स्नानागार के लिए प्रसिद्ध थे तो कुछ अपनी कलाकृति के लिए। सिंधु घाटी की सभ्यता आम प्रयोग में होने वाली ज्यादातर चीजों की खेती किया करते थे। पूरा शहर एक खास तरीके से नियोजित था। आज ज्यादातर चीजें अजायबघरों में देखने को मिलती है लेकिन शहर अभी भी वहीं पर बसा हुआ है। जो आज टूटे-फूटे खंडहर के रूप में देखा जा सकता है।


प्रश्न 3. मोहनजोदड़ो के बौद्ध स्तूप का वर्णन कीजिए। Most Important
या
‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के आधार पर बौद्ध स्तूप की संरचना का वर्णन कीजिए।

उत्तर –  मोहनजोदड़ो के सबसे बड़े और ऊंचे चबूतरे पर बौद्ध स्तूप का निर्माण किया गया था। इस बोध स्तूप के अंदर भिक्षु के कमरे हैं। इसकी संरचना मिस्र और मेसोपोटामिया की सभ्यता के समय की मानी जाती है।


प्रश्न 4. मुअनजोदड़ो के नगर नियोजन का विवेचन कीजिए।
या
मुअनजो-दड़ो को लेखक ने नगर नियोजन की अनूठी मिसाल क्यों कहा है ?

उत्तर –  मोहनजोदड़ो शहर में नगर नियोजन का एक बेहतरीन नमूना देखने को मिलता है। यहां की ज्यादातर सड़कें सीधी हैं या फिर आड़ी हैं। आधुनिक समय में इसे ग्रिड प्लान कहा जाता है। मोहनजोदड़ो शहर आधुनिक सेक्टर शहरों के नियोजन से मेल खाते हैं। इसीलिए लेखक ने मोहनजोदड़ो शहर को नगर नियोजन की अनूठी मिसाल कहा है।


प्रश्न 5. वास्तुकला की दृष्टि से ‘महाकुंड’ का वर्णन कीजिए। Most Important
या
महाकुंड की संरचना का वर्णन कीजिए।
OR
‘अतीत में दबे पाँव’ में वर्णित महाकुंड का वर्णन कीजिए।

उत्तर –  महाकुंड 40 फुट लंबा, 25 फुट चौड़ा और 7 फुट गहरा बना हुआ था। इसमें उत्तर और दक्षिण दिशा की ओर से सीढ़ियां उतरती हैं। उत्तर दिशा में 2 पंक्तियों में 8 स्नानागार हैं और इनमें से किसी का भी दरवाजा एक दूसरे के सामने नहीं खुलता। महाकुंड पक्की ईंटों का बना हुआ है और पानी निकालने की भी एक अच्छी व्यवस्था की गई है।


प्रश्न 6. मोहनजोदड़ो के अजायबघर का वर्णन कीजिए। Most Important
या
मोहनजोदड़ो के अजायबघर में क्या-क्या रखा हुआ था ?

उत्तर –  मोहनजोदड़ो के अजायब घर में ज्यादा चीजें हमें देखने को नहीं मिलती हैं। मोहनजोदड़ो का अजायबघर एक छोटी सी इमारत के रूप में हैं जिसके अंदर काला पड़ गया गेहूं, तांबे और कांसे के बर्तन, मुहरे, मृद भांड, तांबे के आईने, दो पाटन की चक्की, मिट्टी की बैलगाड़ी, रंग-बिरंगे पत्थर के हार और सोने के कंगन रखे हुए हैं।


प्रश्न 7. ‘कॉलेज ऑफ प्रीस्टस’ किसे कहा गया है ? इसका निर्माण क्यों हुआ होगा ? Most Important

उत्तर –  महाकुंड के उत्तर पर्व दिशा में एक इमारत के अवशेष मिले हैं जिसमें एक बहुत बड़ा हॉल है। हॉल के साथ अनेक छोटे छोटे कमरे हैं। माना जाता है कि धार्मिक अनुष्ठानों में ज्ञानशाला इसी के साथ बनी हुई थी। इसीलिए इसे ‘कॉलेज ऑफ प्रीस्टस’ कहते हैं।


प्रश्न 8. सिंधु घाटी क्षेत्र में सर्दियों में वातावरण कैसा होता है ? Most Important

उत्तर –  सिंधु घाटी क्षेत्र में सर्दियों का वातावरण राजस्थान से मिलता-जुलता सा है। सर्दियों में भी यहां दोपहर के समय तेज धूप होती है। यह धूप राजस्थान की धूप की तरह बिल्कुल स्पष्ट तो नहीं है जिसके कारण यहां सारा वातावरण फीके से रंग का प्रतीत होता है। यहां पर कोई बड़े टिले‌ भी नहीं है खेतों में कोई हरियाली नहीं है।


 

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