HBSE Class 12 अभिव्यक्ति और माध्यम Important Question Answer 2026

Most of students search over Google for Haryana Board (HBSE) Important Questions 2026. Here is the Main reason because HBSE Board Says that in HBSE Exam 2026 (last 3 Years of Questions will Repeat) so that here are the selected List of Questions of Haryana Board For Class 12.


HBSE Class 12 अभिव्यक्ति और माध्यम Important Question Answer 2026


पाठ – विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन


प्रश्न 1. भारत में इन्टरनेट का प्रारम्भ कब हुआ ? Most Important

उत्तर –  1993 में


प्रश्न 2. भारत में पहला छापाखाना कब और खुला ? Most Important

उत्तर –  भारत में पहला छापाखाना गोवा में 1556 ई० में  खुला ?


प्रश्न 3. भारत में इंटरनेट का दूसरा दौर कब शुरु हुआ ? Most Important

उत्तर –  2003 में


प्रश्न 4. रेडियो नाटक किस प्रकार का माध्यम है? Most Important

उत्तर –  श्रव्य माध्यम


प्रश्न 5. रेडियो किस प्रकार का माध्यम है ? Most Important

उत्तर –  श्रव्य माध्यम


प्रश्न 6. टेलीविजन किस प्रकार का माध्यम है ? Most Important

उत्तर –  दृश्य और श्रव्य  माध्यम।


प्रश्न 7. जनसंचार के आधुनिक माध्यमों में सबसे पुराना माध्यम कौन-सा है ? Most Important

उत्तर –  मुद्रित माध्यम


प्रश्न 8. टी० वी० की खबरों के सन्दर्भ में ड्राई एंकर क्या है ?
या
ड्राई एंकर क्या है?

उत्तर –  ड्राई एंकर वह होता है जो समाचार के दृश्य नजर नहीं आने तक दर्शकों को रिपोर्टर से मिली जानकारी के आधार पर समाचार से संबंधित सूचनाएं देता है।


प्रश्न 9. टेलीविजन में ‘लाइव’ का क्या अर्थ है ? Most Important

उत्तर –  किसी समाचार का टेलीविजन पर घटनास्थल से सीधा प्रसारण ही लाइव है।


प्रश्न 10. छापेखाने का आविष्कार किसने किया था ? Most Important

उत्तर –  योहानेस गुटेनबर्ग ने


प्रश्न 11. भारत की पहली साइट कौन-सी है ? Most Important

उत्तर –  रीडिफ़


प्रश्न 12. उलटा पिरामिड शैली के सभी तीन हिस्सों के नाम लिखिए। 

उत्तर –  उल्टा पिरामिड शैली के तीन हिस्सों के नाम निम्नलिखित है :

  1. इंट्रो या मुखड़ा
  2. बॉडी
  3. समापन

प्रश्न 13. समाचार लेखन में किस शैली का प्रयोग करते हैं ? Most Important 

उत्तर –  उल्टा पिरामिड शैली


प्रश्न 14. उल्टा पिरामिड शैली को कितने हिस्सों में बाँटा जाता है ? नाम भी लिखिए। Most Important 

उत्तर –  उल्टा पिरामिड शैली को 3 हिस्सों में बाँटा जाता है। उल्टा पिरामिड शैली के तीन हिस्सों के नाम निम्नलिखित है :

  1. इंट्रो या मुखड़ा
  2. बॉडी
  3. समापन

पाठ – पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया


प्रश्न 1. समाचार के छः ककार कौन-कौन से हैं ? Most Important

उत्तर –  समाचार लेखन में कब, कहां, कैसे, क्या, कौन, क्यों, इन्हीं छः प्रश्नों को छः ककार कहते हैं।


प्रश्न 2. समाचार लेखन के छह ककारों के बारे में संक्षेप में लिखिए।

उत्तर –   समाचार लेखन में कब, कहां, कैसे, क्या, कौन, क्यों इन्हीं छः प्रश्नों को छः ककार कहते हैं। इन्हीं ककारों के आधार पर किसी घटना , समस्या तथा विचार आदि से संबंधित खबर लिखी जाती हैं। यह ककार ही समाचार लेखन का मूल आधार होते हैं। इसीलिए समाचार लेखन में इनका बहुत महत्व है।

छः ककारो को हम इस प्रकार स्पष्ट कर सकते हैं-

  1. कब- यह समाचार लेखन का आधार होता है। इस ककार के माध्यम से किसी घटना तथा समस्या के समय का बोध होता है। जैसे–बस दुर्घटना कब हुई?
  2. कहां- इस प्रकार को आधार बनाकर समाचार लिखा जाता है। इसके माध्यम से किसी घटना और समस्या के स्थान का चित्रण किया जाता है। जैसे–बस दुर्घटना कहां हुई?
  3. कैसे– इस प्रकार के द्वारा समाचार का विश्लेषण , वितरण तथा व्याख्या की जाती है।
  4. क्या– यह ककार भी समाचार लेखन का आधार माना जाता है। इसके द्वारा समाचार की रूपरेखा तैयार की जाती है।
  5. क्यों– इस ककार के द्वारा समाचार के विवरणात्मक, व्याख्यात्मक तथा विश्लेषणात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला जाता है।
  6. कौन– इस प्रकार को आधार बनाकर समाचार लिखा जाता है।

प्रश्न 3. किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतनभोगी कर्मचारी क्या कहलाता है ? Most Important

उत्तर –   पूर्णकालिक पत्रकार


प्रश्न 4. पूर्णकालिक पत्रकार किसे कहते हैं ? Most Important

उत्तर –  किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतनभोगी कर्मचारी पूर्णकालिक पत्रकार कहलाता है।


प्रश्न 5. अंशकालिक पत्रकार किसे कहते हैं ? Most Important

उत्तर –  किसी समाचार संगठन के लिए निश्चित मानदेय के आधार पर काम करने वाले पत्रकार को अंशकालिक पत्रकार कहते हैं।


प्रश्न 6. इंटरव्यू के लिए हिन्दी शब्द क्या है ? Most Important

उत्तर –  साक्षात्कार


प्रश्न 7. फ़ीचर से आप क्या समझते हैं ? यह कैसे लिखा जाता है ? Most Important
OR
फीचर लेखन पर प्रकाश डालिए ।
OR
फ़ीचर लेखन की प्रक्रिया पर प्रकाश डालिए।
OR
फीचर नाटक का विवेचन कीजिए ।

उत्तर- एक ऐसा सुव्यवस्थित, सृजनात्मक तथा आत्मनिष्ठ लेखन किसके माध्यम से सूचनाओं के साथ-साथ मनोरंजन पर भी ध्यान दिया जाता है उसे फीचर कहते हैं। फीचर कथात्मक शैली में लिखा जाता है। इसकी भाषा सरल, आकर्षक, रूपात्मक तथा मनमोहक होती है। इसमें लेखक अपने विचार, भावना तथा दृष्टिकोण को व्यक्त कर सकता है।फीचर में समाचारों की अपेक्षा कम शब्दों का प्रयोग किया जाता है। फीचर हमें कभी भी तात्कालिक घटनाओं से परिचित नहीं करवाता। फीचर का मुख्य लक्ष्य पाठकों को सूचना देना, शिक्षित करना तथा उनका मनोरंजन करना होता है।


प्रश्न 8. समाचार कैसे लिखा जाता है ? स्पष्ट कीजिए। Most Important

उत्तर –  समाचार का मुख्य कार्य पाठकों को सूचना देना होता है। समाचार को हमेशा उल्टा पिरामिड शैली में ही लिखा जाता है। ताकि यह पढ़ने वाले को घटना का पूरा विवरण आसानी से प्रस्तुत कर सकें। समाचार लिखते समय भाषा को भी सरल और सहज रखा जाता है ताकि पाठकों को यह सब आसानी से समझ में आ जाए। समाचार लिखते समय पत्रकार अपने विचार, भावनाएं और दृष्टिकोण को व्यक्त नहीं कर सकता। समाचार पूर्णतः तथ्यों पर आधारित होता है।


पाठ – विशेष लेखन- स्वरूप और प्रकार


प्रश्न 1. बीट की परिभाषा लिखिए।
OR
मीडिया की भाषा में ‘बीट’ किसे कहते हैं ? Most Important
OR
मीडिया में ‘बीट’ का क्या अर्थ है ?

उत्तर –  जो संवादाता केवल अपने क्षेत्र विशेष से संबंधित रिपोर्टों को भेजता है , वह बीट रिपोर्टिंग कहलाती हैं।


प्रश्न 2. विशेष लेखन से क्या तात्पर्य है ? यह क्यों लिखा जाता है ? Most Important

उत्तर –  किसी भी सामान्य विषय से हटकर विशेष विषयों पर लिखे गए लेखकों को विशेष लेखन कहा जाता है। खेल, स्वास्थ्य, मनोरंजन, व्यापार इत्यादि विशेष लेखन के अंतर्गत माने जाते हैं। विशेष लेखन पाठकों द्वारा बहुत पसंद किया जाता है। पाठकों को इसमें गहरी और सटीक जानकारी मिलती है। इसमें पाठकों की पसंद के हिसाब से उन्हें पढ़ने को मिलता है इसीलिए विशेष लेखन को लिखा जाता है।


पाठ – कैसे बनती है कविता


प्रश्न 1. कविता के प्रमुख घटकों का उल्लेख कीजिए। Most Important

उत्तर –  कविता की कुछ महत्वपूर्ण घटक होते हैं जिनके बिना कविता संभव नहीं होती। यह घटक निम्नलिखित है:–

  1. भाषा- भाषा कविता का महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि भाषा के माध्यम से ही कवि अपनी संवेदना और भावनाओं को अभिव्यक्ति प्रदान करता है।
  2. शैली- शैली भी कविता का प्रमुख घटक है। इसके द्वारा कवि अपनी संवेदना को कविता के रूप में अभिव्यक्त करता है।
  3. बिंब- बिंब का शाब्दिक अर्थ है– शब्दचित्र। इन शब्द चित्रों के माध्यम से ही कवि अपनी कल्पना को साकार रूप प्रदान करता है। बिंब के बिना कविता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह कविता का मूल आधार है।
  4. छंद- यह कविता का अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि छंद ही कविता को कविता का रूप प्रदान करते हैं। इसके द्वारा ही कविता पद्य की श्रेणी में आते हैं।
  5. अलंकार- अलंकार भी कविता के प्रमुख घटक हैं। यह कविता को सौंदर्य प्रदान करते हैं। इनके द्वारा ही कवि अपनी कविता को सजाता है।

पाठ – नाटक लिखने का व्याकरण


प्रश्न 1. रंगमंच किस विधा में होता है ?
OR
रंगमंच किस साहित्यिक विधा में आवश्यक है ? Most Important

उत्तर –  नाटक में


पाठ – कैसे लिखे कहानी


प्रश्न 1. कहानी का केन्द्र बिन्दु क्या है ? Most Important

उत्तर –  कथानक


प्रश्न 2. कथावस्तु किसे कहते हैं ? Most Important
या
कथानक किसे कहते हैं?

उत्तर –  कथावस्तु कहानी का पहला तत्व होता है। कहानी की शुरुआत से लेकर उसके अंत तक जो कुछ भी कहा जाए उसे कथानक या कथावस्तु कहते हैं। यह कहानी का मूल आधार होता है। पूरी कहानी में घटित होने वाली घटनाएं ही उसका कथानक है। इसे आरंभ, मध्य और अंत तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है जिससे कहानी को समझना आसान हो जाता है।


पाठ – कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण


प्रश्न  1. कहानी को नाटक में किस प्रकार रूपान्तरित किया जा सकता है ? Most Important
OR
कहानी का नाट्य रूपांतरण कैसे किया जाता है ?

उत्तर –  कहानी को नाटक के रूप में रूपांतरित करने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है :

  • कहानी की कथावस्तु को समय और घटना के स्थान के आधार पर विभाजित किया जाता है।
  • कथावस्तु से संबंधित वातावरण तैयार किया जाता है।
  • कथावस्तु के अनुसार ही मंच व संगीत का निर्माण किया जाता है।
  • ध्वनि व प्रकाश का पूरा ध्यान रखा जाता है।
  • पात्रों की आपस में बातचीत व व्यवहार को अभिनय के रूप में परिवर्तित किया जाता है।
  • संवादों को अभिनय के अनुरूप सब रूप प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 2. कहानी के नाट्य रूपांतरण में किस प्रकार की मुख्य समस्या का सामना करना पड़ता है ? Most Important

उत्तर –  कहानी के नाट्य रूपांतरण करते इसमें अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जो इस प्रकार है :

  • सबसे प्रमुख समस्या कहानी के पात्रों के मनोभावों को कहानीकार द्वारा प्रस्तुत प्रसंगो अथवा मानसिक द्वंद्व के नाटकीय प्रस्तुति में आती हैं।
  • पात्रों के बंधुओं को अभिनय के अनुरूप बनाने में समस्या आती है।
  • सामानों को नाटकीय रूप प्रदान करने में समस्या आती है।
  • संगीत ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था करने में समस्या आती है।
  • कथानक को अभिनय के अनुरूप बनाने में समस्या होती है।

प्रश्न 3. नाटक और कहानी में क्या-क्या असमानताएँ हैं ?
या
कहानी और नाटक में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर –  कहानी और नाटक दोनों गद्य विधाएं हैं। इनमें कुछ असमानताएं या अंतर भी हैं जो इस प्रकार हैं–

कहानी –

  • कहानियां ऐसी गद्य विधा है जिसमें जीवन के किसी अंक विशेष का मनोरंजन पूर्ण चित्रण किया जाता है।
  • कहानी का संबंध लेखक और पाठकों से होता है।
  • कहानी कहीं अथवा पढ़ी जाती है।
  • कहानी को आरंभ , मध्य और अंत के आधार पर बांटा जाता है।
  • कहानी में मंच सज्जा , संगीत तथा प्रकाश का महत्व नहीं है।

नाटक –

  • नाटक एक ऐसी गद्य विधा है जिसका मंच पर अभिनय किया जाता है।
  • नाटक का संबंध लेखक, निर्देशक,  दर्शक तथा श्रोताओं से है।
  • नाटक का मंच पर अभिनय किया जाता है।
  • नाटक को दृश्यों में विभाजित किया जाता है।
  • नाटक में मंच सज्जा , संगीत और प्रकाश व्यवस्था का विशेष महत्व होता है।

पाठ – कैसे बनता है रेडियो नाटक


प्रश्न 1. आमतौर पर रेडियो नाटक की अवधि कितनी होती है ? Most Important

उत्तर –  15 से 30 मिनट


प्रश्न 2. रेडियो नाटक लिखने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए। Most Important
या
रेडियो नाटक लिखने की प्रक्रिया का विश्लेषण कीजिए।
या
रेडियो नाटक लिखने की प्रक्रिया का विवेचन कीजिए ।
या
रेडियो नाटक की कहानी में किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?

उत्तर –  रेडियो नाटक लिखते समय रेडियो नाटक की कहानी में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है :

  • रेडियो नाटक की कहानी केवल एक ही घटना पर आधारित नहीं होनी चाहिए। एक ही घटना पर घट रही कहानी से कहानी उबाऊ हो जाती है और सुनने वाले कहानी का सारा मजा खो बैठते हैं।
  • सामान्य रूप से रेडियो नाटक की अवधि 15 से 30 मिनट तक हो सकती है। 15 मिनट से कम समय की कहानी या 30 मिनट से अधिक समय की कहानी सुनने वालों के लिए उबाल हो सकती है।
  • रेडियो नाटक में पात्रों की संख्याएं सीमित होनी चाहिए। अधिक पात्र करने से कहानी उलझ सकती है। सामान्य रेडियो नाटक में 5 या 6 से अधिक पात्र नहीं होने चाहिए।

प्रश्न 3. दृश्य-श्रव्य माध्यमों की तुलना में श्रव्य- माध्यमों की क्या सीमाएँ हैं ? इन सीमाओं को किस तरह पूरा किया जा सकता है ? Most Important

उत्तर –  दृश्य श्रव्य माध्यमों की तुलना में श्रव्य माध्यम की अनेक सीमाएं हैं जो इस प्रकार है–

  • दृश्य श्रव्य माध्यम में हम नाटक को अपनी आंखों से देख भी सकते हैं और पात्रों के संवादों को सुन भी सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में हम केवल सुन सकते हैं उसे देख नहीं सकते।
  • दृश्य श्रव्य माध्यमों में हम पत्रों के हाव भाव देखकर उनकी दशा का अनुमान लगा सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में हम ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते।
  • दृश्य श्रव्य माध्यमों में मंच तथा पात्रों के वस्त्रों की शोभा और उसके सौंदर्य को देख सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में हम इनकी केवल कल्पना कर सकते हैं।
  • दृश्य श्रव्य माध्यमों में किसी भी दृश्य तथा वातावरण को देखकर उसका आनंद उठा सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में प्रत्येक की स्थिति को केवल ध्वनियों के माध्यम से ही समझ सकते हैं।
  • दृश्य श्रव्य माध्यम की तुलना में श्रव्य माध्यम में वातावरण की सृष्टि पत्रों के संवादों से की जाती है। समय की सूचना तथा पात्रों के चरित्र का उद्घाटन भी संवादों के माध्यम से ही होता है।

श्रव्य माध्यम की सीमाओं को ध्वनि माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है।


प्रश्न 4. रेडियो नाटक की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए । Most Important

उत्तर –  रेडियो नाटक में ध्वनि प्रभाव और संवादों का विशेष महत्व है जो इस प्रकार है–

  • रेडियो नाटक में पात्रों से संबंधित सभी जानकारियां संवादों के माध्यम से मिलती है।
  • पात्रों की चारित्रिक विशेषताएं संवादों के द्वारा ही उजागर होती है।
  • नाटक का पूरा कथानक संवादों पर ही आधारित होता है।
  • इसमें ध्वनि प्रभावों और संवादों के माध्यम से ही कथा को श्रोताओं तक पहुंचाया जाता है।
  • संवादों के माध्यम से ही रेडियो नाटक का उद्देश्य स्पष्ट होता है।
  • संवादों के द्वारा ही श्रोताओं को संदेश दिया जाता है।

पाठ – नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन


प्रश्न 1. ‘एक कामकाजी औरत’ पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए। Most Important

उत्तर –   एक कामकाजी औरत, जीवन के सफलता के लिए संघर्ष करने वाली एक महिला होती है। वह अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहकर समाज में स्थिति बनाए रखने के लिए मेहनत और समर्पण का परिचय करती है। सुबह से शाम तक उसकी दिनचर्या भरी होती है, फिर भी वह खुद को बनाए रखने के लिए समर्पित रहती है। उसकी मेहनत और समर्पण से वह अपने परिवार का संभालना और समृद्धि का आधार बनाती है। एक कामकाजी औरत आत्मनिर्भरता का परिचय करती है और समाज में एक सकारात्मक संदेश भी प्रदान करती है। उसकी साहसपूर्ण और समर्पित दृष्टि उसे अन्यों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनाती है। इस प्रकार, एक कामकाजी औरत समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और सबको यह सिखाती है कि मेहनत और संघर्ष से ही सफलता की ऊँचाइयों को छूना संभव है।


प्रश्न 2. ‘परीक्षा के दिन’ विषय पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए। Most Important

उत्तर –  परीक्षा के दिन छात्रों के लिए एक अजीब सा मिलनसर होता है। सभी कक्षाएं चुप हो जाती हैं, और हर किसी का ध्यान अपनी पढ़ाई पर होता है। परीक्षा हमें यह सिखाती है कि कैसे अपने ज्ञान को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है। परीक्षा के दिन ध्यानपूर्वक और स्थिर मन से पढ़ाई करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। समय का सही तरीके से प्रबंधन करना और सही सवालों पर प्राथमिकता देना आवश्यक है। परीक्षा हमें तात्कालिक प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रदान करती है और आत्म-मूल्यांकन की अनुभूति कराती है। इस दिन आत्मविश्वास बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। सफलता की कुंजी सही तैयारी और विशेष रूप से सकारात्मक मानसिकता में छुपी होती है। इसलिए, परीक्षा के दिन धैर्य, समर्पण, और सकारात्मकता से युक्त रहना शिक्षा की ऊँचाइयों को छूने की कीमती उपहार प्रदान करता है।


प्रश्न 3. ‘अध्यापक और शिष्य’ के बीच संवादों को लिखिए।
OR
परीक्षा को लेकर अध्यापक और शिष्य के बीच संवादों को लिखिए। Most Important
OR
अध्यापक और छात्र के बीच संवाद का वर्णन कीजिए।

उत्तर –

शिक्षक: नमस्ते, बच्चों! आज हमारी परीक्षा के लिए तैयारी कैसी चल रही है?

छात्र: शिक्षक जी, तैयारी अच्छी चल रही है, पर कुछ सवालों का मॉडल टेस्ट हो सकता है?

शिक्षक: बिल्कुल, मैं समझता हूँ। यहाँ कुछ सवाल हैं – समय सीमा के साथ, आपकी तैयारी की जांच करें।

छात्र: ठीक है, शिक्षक जी।

[30 मिनट बाद]

शिक्षक: कैसा गया सवालों का समाधान?

छात्र: थोड़ा चेन के साथ हो सकता था, पर मैंने अपनी से बेहतरीन कोशिश की है।

शिक्षक: बहुत अच्छा! तुम्हारी मेहनत दिख रही है। और एक सवाल – क्या तुम्हें कोई क्षेत्र में मदद चाहिए?

छात्र: नहीं, शिक्षक जी, सब सही है।

शिक्षक: अच्छा है, मैं तुम्हारी सफलता की कामना करता हूँ! ध्यान से पढ़ना और अच्छे अंक प्राप्त करना।

छात्र: धन्यवाद, शिक्षक जी।

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