HBSE Class 12 व्याकरण Important Question Answer 2026

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HBSE Class 12 व्याकरण Important Question Answer 2026


संधि


Topic – संधि


प्रश्न 1. विसर्ग सन्धि की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए। Most Important

उत्तर – जब विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन का मेल होता है, उसे विसर्ग सन्धि कहते है। उदाहरण: निः + धन = निर्धन, निः + काम = निष्काम


प्रश्न 2. स्वर सन्धि की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए। Most Important

उत्तर – जब स्वर के साथ स्वर का मेल होता है, उसे स्वर सन्धि कहते है। उदाहरण: मुर + अरि = मुरारि


प्रश्न 3. यण स्वर संधि के किन्हीं दो लक्षणों का उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।

उत्तर – यदि प्रथम शब्द की अन्तिम ध्वनि या हो, द्वितीय शब्द की प्रथम ध्वनि या को छोड़कर किसी भी स्वर का मेल हो तो या के स्थान पर य् हो जायेगा बाद में जो स्वर की मात्रा है, वह य् में जुड़ जायेगी।

उदाहरण:

  • नि + आय = न् + य् + आय = न्याय

यदि प्रथम शब्द की अंतिम ध्वनि या हो द्वितीय शब्द की प्रथम ध्वनि में या को छोड़कर किस भी स्वर का मेल हो तो या के स्थान पर व् हो जाता है, और बाद के स्वर की मात्रा व् में जुड जाती है।

उदाहरण:

  • अनु + ईक्षण = अन् + व् + ईक्षण = अन्वीक्षण

प्रश्न 4. व्यंजन संधि की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए ।

उत्तर – व्यंजन संधि में व्यंजन के साथ स्वर का मेल हो तथा व्यंजन के साथ व्यंजन का मेल हो और स्वर के साथ व्यंजन का मेल हो उसे व्यंजन सन्धि कहते है।

उदाहरण:

  • वाक् + ईश = वागीश
  • उत् + घाटन = उद्घाटन

प्रश्न 5. दीर्घ संधि के स्वरूप को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर –

  • या के साथ या का मेल हो तो हो जाता है।
  • या के साथ या का मेल हो तो हो जाती है।
  • या के साथ या का मेल हो तो हो जाता है

उदाहरण:

  • अभय + अरण्य = अभयारण्य
  • परम + अर्थ = परमार्थ
  • राम + अनुज = रामानुज

प्रश्न 6. स्वर संधि के कोई दो भेद लिखिए। 

उत्तर –

  1. दीर्घ संधि
  2. वृद्धि संधि

प्रश्न 7. निम्नलिखित की सन्धि / संधि विच्छेद कीजिए :

उत्तर –


संधि-विच्छेद संधि रूप
  • सप्त + ऋषि
सप्तर्षि
  • अति + आचार
अत्याचार
  • पौ + अंक
पावक
  • रमा + ईश
रमेश
  • उत् + ज्वल
उज्ज्वल
  • ने + अन
नैन
  • तत् + रूप
तरूप / तदारूप
  • पुरः + धा
पुरोधा
  • प्रति + अंग
प्रातंग / प्रत्यंग
  • रम् + अनीक
रमणीक
  • सिंधु + ऊर्मि
सिन्धूर्मि
  • उत् + डयन
उद्धयन
  • सदा + एव
सदैव
  • यथा + इष्ट
यथेष्ट
  • प्रति + उपकार
प्रत्युपकार
  • दु: + प्रवृत्ति
दुष्प्रवृत्ति
  • निः + आमिष
निरामिष
  • निः + उपम
निरुपम
  • दिक् + गज
दिग्गज
  • चित् + मय
चिद्मय
  • बहिः + मुख
बहिर्मुख
  • महा + ऋषि
महर्षि
  • महा + औषध
महौषध
  • देव + इन्द्र
देवेन्द्र
  • दीक्षा + अन्त
दीक्षान्त
  • सम् + घर्ष
संघर्ष
  • धर्म + अर्थ
धर्मार्थ
  • चित् + मय
चिन्मय
  • चित् + आकार
चिदाकार
  • उद् + लास
उल्लास
  • नय + अक
नायक
  • नि + रस
नीरस
  • जगत् + जीवन
जगज्जीवन
  • वाक् + ईश्वर
वागीश्वर
  • गा + अक
गायक
  • एक + एक
एकैक
  • षट् + मास
षण्मास
  • अति + आचार
अत्याचार
  • दिक् + अम्बर
दिगम्बर
  • उद् + चारण
उच्चारण
  • गङ्गा + ऊर्मि
गंगोर्मि
  • उद् + घाटन
उद्घाटन
  • यथा + इष्ट
यथेष्ट
  • तत् + मय
तन्मय
  • तपस् + भूमि
तपोभूमि
  • मन + रथ
मनोरथ
  • प्रति + उत्तर
प्रत्युत्तर
  • मनस् + ज्ञ
मनोज्ञ
  • मधु + आचार्य
मध्वाचार्य
  • नय + अन
नयन
  • आशीष + वाद
आशीर्वाद
  • सु + सुप्ति
सुषुप्ति
  • सम् + कल्प
संकल्प
  • वीर + उचित
वीरोचित

 


Topic – समास


प्रश्न 1. द्वन्द्व समास की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए। Most Important

उत्तर – द्वन्द्व समास शब्द का अर्थ है- जोड़ा। जिस समास में दोनों पद प्रधान होते है उसे द्वन्द्व समास कहते है। इस समास का विग्रह करने पर (और) (या) का प्रयोग करते है।

उदाहरण:-

  • पैंतालीस – चालीस और पांच
  • तिरानवें – नब्बे और तीन
  • सुख-दुःख – सुख या दुःख

प्रश्न 2. द्विगु समास की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर – जिस समास का पहला पद संख्यावाचक हो और वह सम्पूर्ण समुदाय या समूह का बोध करता हो उसे द्विगु समास कहते है। इस समास का विग्रह करने पर समूह या समाहार का प्रयोग करते है।

उदाहरण:-

  • नवरात्र – नौ रात्रियों का समाहार
  • सप्ताह – सात दिनों का समाहार

प्रश्न 3. कर्मधारय समास की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर – जिस समास का एक पद विशेषण हो दूसरा पद विशेष्य हो उसे कर्मधारय समास कहते है। इस समास का विग्रह करने पर ‘है जो’ का प्रयोग करते है।

उदाहरण:-

  • नीला आकाश – नीला है जो आकाश
  • महर्षि – महान् है जो ऋर्षि

प्रश्न 4. अव्ययीभाव समास की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए ।

उत्तर – जिस समास का पहला पद प्रधान होता है। अर्थात् जिस समास का पहला पद अव्यय होने से समस्त पद अव्ययी भाव हो जाता है, उसे अव्ययीभाव समास कहते है।

अव्यय – जो शब्द लिंग, वचन, कारक तथा काल के अनुसार परिवर्तन नहीं होते है, उसे अव्यय कहते है।

उदाहरण:-

  • यथाक्रम –  क्रम के अनुसार
  • यथा शीघ्र –  जितना शीघ्र हो।

प्रश्न 5. तत्पुरुष समास की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर – तत्पुरूष का अर्थ होता है : उसका आदमी। जिस समास का प्रथम पद गौणं होता है और द्वितीय पद प्रधान होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते है। तत्पुरूष समास की विभक्ति का लिंग, वचन, दवितीय शब्द के कारण परिवर्तन होता है।

उदाहरण:-

  • वनगमन – वन को गमन करने वाला।
  • कमरतोड़ – कमर को तोड़ने वाला।

प्रश्न 6. बहुव्रीहि समास की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर – जिस समास का न तो प्रथम पद प्रधान होता है, और न ही द्वितीय पद प्रधान होता है बल्कि कोई अन्य अर्थ निकलता है, उसे बहुब्रीहि समास कहते है।

इस समास का विग्रह करने पर वाला, है, जो, जिसका, जिसकी, जिसके, वह आदि। शब्दों का प्रयोग करते है।

उदाहरण:-

  • त्रिनेत्र – तीन है नेत्र जिसके (शिव)
  • मुरारि – मुर का अरि है जो वह (कृष्ण)

प्रश्न 6. विग्रह करके समास का नाम भी लिखिए : Most Important

कनकलता लम्बोदर, प्रतिदिन, राजकुमार, हस्तलिखित (Most Important), आकंठ, पनचक्की, वनगमन, चक्रधर, ज्ञानकोश, हलधर, पदयात्रा, चतुर्वेद, अनुचिंतन , अल्पाहार, दोपहर, पंजाब, दशानन, साफ-साफ, वनवास, दाल-रोटी, हररोज, जल-थल , जन्मभूमि, राम-कृष्ण, क्रीडाक्षेत्र, नीलकमल, भरपेट, यथाशक्ति, गंगा-यमुना, नियमावली, काली मिर्च, महाराजा,   प्रधानाध्यापक, अष्टसिद्धि, पंचनद, भीमार्जुन

यथाशीघ्र, कार्यकुशल, पथभ्रष्ट, प्रतिवर्ष, प्रधानाध्यापक, अष्टाध्यायी,अधपका, छोटा-बड़ा, ब्रिलोचन, यथासमय, देशवासी, दूधपानी, आजीवन (Most Important), चौराहा, पथभ्रष्ट, नीलकंठा, पीताम्बर, चतुर्भुज, दाल-रोटी, शताब्दी,

उत्तर –

अव्ययीभाव समास

शब्द विग्रह
  • प्रतिदिन
  • प्रति दिन
  • भरपेट
  • पेट भरकर
  • यथासमय
  • समय के अनुसार
  • आकंठ
  • कंठ पर्यन्त
  • यथाशक्ति
  • शक्ति के अनुसार
  • आजीवन
  • जीवन भर
  • अनुचिंतन
  • चिंतन के बाद
  • यथाशीघ्र
  • शीघ्र के अनुसार
  • हररोज
  • हर दिन
  • प्रतिवर्ष
  • प्रति वर्ष

तत्पुरुष समास

शब्द विग्रह
  • कनकलता
  • कनक की लता
  • वनगमन
  • वन को गमन
  • जन्मभूमि
  • जन्म की भूमि
  • राजकुमार
  • राजा का कुमार
  • ज्ञानकोश
  • ज्ञान का कोश
  • क्रीडाक्षेत्र
  • क्रीड़ा का क्षेत्र
  • हस्तलिखित
  • हस्त से लिखित
  • पदयात्रा
  • पद से यात्रा
  • नियमावली
  • नियमों की अवली
  • पनचक्की
  • पानी की चक्की
  • वनवास
  • वन में वास
  • कार्यकुशल
  • कार्य में कुशल
  • पथभ्रष्ट
  • पथ से भ्रष्ट
  • देशवासी
  • देश में वास करने वाला

कर्मधारय समास

शब्द विग्रह
  • चक्रधर
  • चक्र धारण करने वाला
  • महाराजा
  • महान राजा
  • हलधर
  • हल धारण करने वाला
  • अधपका
  • आधा पका
  • अल्पाहार
  • अल्प आहार
  • नीलकंठ
  • नीला कंठ
  • नीलकमल
  • नीला कमल
  • पीताम्बर
  • पीला अंबर
  • काली मिर्च
  • काली मिर्च
  • प्रधानाध्यापक
  • प्रधान अध्यापक

द्विगु समास

शब्द विग्रह
  • चतुर्वेद
  • चार वेद
  • पंजाब
  • पाँच नदियाँ
  • दोपहर
  • दिन के दो पहर
  • अष्टसिद्धि
  • आठ सिद्धियाँ
  • पंचनद
  • पाँच नदियाँ
  • दशानन
  • दस मुख वाला
  • त्रिलोचन
  • तीन नेत्र वाला
  • चतुर्भुज
  • चार भुजाएँ
  • शताब्दी
  • सौ वर्ष
  • अष्टाध्यायी
  • आठ अध्यायों वाली

द्वंद्व समास

शब्द विग्रह
  • साफ-साफ
  • साफ और साफ
  • गंगा-यमुना
  • गंगा और यमुना
  • दाल-रोटी
  • दाल और रोटी
  • छोटा-बड़ा
  • छोटा और बड़ा
  • जल-थल
  • जल और थल
  • भीमार्जुन
  • भीम और अर्जुन
  • राम-कृष्ण
  • राम और कृष्ण
  • दूधपानी
  • दूध और पानी

बहुव्रीहि समास

शब्द विग्रह
  • लम्बोदर
  • लम्बा उदर जिसका
  • अष्टाध्यायी
  • आठ अध्यायों वाली (यह द्विगु-बहुव्रीहि दोनों कहा जा सकता है)
  • दशानन
  • दस मुख वाला

 

Topic – अलंकार


प्रश्न 1. उपमा अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।  Most Important

उत्तर – उपमा शब्द का अर्थ होता है :- मापना, तोलना। जहाँ गुण धर्म, या क्रिया के आधार पर की तुलना उपमान से की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है। उपमा अलंकार के वाचक शब्द सा, सी, से, सम, सरिस, सदृश्य, समान आदि होते है।

उदाहरण :-          पीपर पात सरिस मन डोला।


प्रश्न 2. उत्प्रेक्षा अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए। Most Important

उत्तर – काव्य की शोभा बढ़ाने के लिए जब उपमेय में उपमान की कल्पना या भावना हो तब उत्प्रेक्षा अलंकार होता है उत्प्रेक्षा के वाचक शब्द:- मानों, मनों, जानों, जनु, मानहु आदि।

उदाहरण :- अम्बर में तारें मानों मोती अनगिन है।


प्रश्न 3. मानवीकरण अलंकार की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए। Most Important

उत्तर – काव्य की शोभा बढ़ाने के लिए जहाँ जड़ वस्तुओ या प्रकृति पर मानवीय चेष्टाओं का आरोप किया जाता है। वहां मानवीकरण अलंकार होता है।

उदाहरण:-           उधो मन नाही दस बीस
एक हुतो सो गयो श्याम संग, को आराधे ईंस

अमूर्त मन को श्याम के साथ चला गया बताया गया है। गमन करना मूर्त पदार्थ का मानवीय कार्य है जिसे कवि ने अमूर्त गमन करना मूर्त पदार्थ का मानवीय कार्य है जिसे कवि ने अमूर्त मन में स्थापित किया है। अतः यहाँ पर मानवीकरण अलंकार है।


प्रश्न 4. यमक अलंकार की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए। Most Important

उत्तर – काव्य की शोभा बढ़ाने के लिए जब एक ही शब्द एक से अधिक बार आए और उसके अर्थ अलग-अलग हो वहां यमक अलंकार होते है।

उदाहरण :- सजना है मुझे सजना के लिए।

यहां पहले सजना का अर्थ है- श्रृंगार करना और दूसरे सजना का अर्थ है नायक या पति।


प्रश्न 5. अनुप्रास अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए। 

उत्तर – काव्य की शोभा बढ़ाने के लिए जब एक वर्ण की आवृति बार-बार आये उसे अनुप्रास अलंकार कहते है।

उदाहरण :-          भरत भारती मंजु मराली।
कानन कठिन भयंकर भारी।


प्रश्न 6. रूपक अलंकार की परिभाषा सोदाहरण दीजिए।

उत्तर – काव्य की शोभा बढ़ाने के लिए जब एक वस्तु पर दूसरी वस्तु का आरोप किया जाए अर्थात् जब एक वस्तु को दूसरी वस्तु का रूप दिया जाए तो वहाँ रूपक अलंकार होता है।

उदाहरण :-  अम्बर पन घट में डुबो रही तारा घट उषा नागरी।

यहां आकाश पर पन घट का, उषा पर स्त्री का और तारा पर घड़े का आरोप होने से रूपक अलंकार है।


प्रश्न

उत्तर

Hint

  • सजना है मुझे सजना के लिए।
  • यमक अलंकार
  • सजना का पहली बार अर्थ है सँवरना या सिंगार करना, दूसरी बार अर्थ है प्रियतम (प्यार करने वाला व्यक्ति)।
  • काँटेदार कुरूप खड़े हैं।
  • अनुप्रास अलंकार
  • ‘क’ ध्वनि की पुनरावृत्ति
  • और सरसों की न पूछो हो गई सबसे सयानी
  • मानवीकरण अलंकार
  • यहाँ सरसों (एक फसल) को मनुष्य की तरह सयानी (समझदार, बड़ी लड़की) कहा गया है।
  • मैया मैं तो चन्द्र खिलौना लैहों ।
  • रूपक अलंकार
  • चन्द्रमा को खिलौना कहा गया है।
  • सुरभित सुन्दर सुखद सुमन तुझ पर खिलते हैं।
  • अनुप्रास अलंकार
  • ‘स’ ध्वनि की पुनरावृत्ति।
  • हाए! फूल-सी कोमल बच्ची ।
  • उपमा अलंकार
  • बच्ची की कोमलता की तुलना फूल से की गई है।
  • कहे कवि बेनी, बेनी व्याल की चुराई लीन्ही ।
  • यमक अलंकार
  • ‘बेनी’ शब्द का पुनरावर्तन भिन्न अर्थों में।
  • रघुपति राघव राजा राम Most Important
  • अनुप्रास अलंकार
  • ‘र’ ध्वनि की पुनरावृत्ति।
  • हरिपद कोमल कमल से। Most Important
  • उपमा अलंकार
  • हरि के चरणों की तुलना कमल से।
  • आए महंत वसंत
  • यमक अलंकार
  • ‘वसंत’ शब्द का दो अर्थों में प्रयोग (ऋतु और व्यक्ति)।
  • काली घटा का घमण्ड घटा Most Important
  • यमक अलंकार
  • ‘घटा’ शब्द की पुनरावृत्ति भिन्न अर्थों में (बादल और घटना)।
  • निदियाँ जिनकी यश धारा-सी ।
    बहती है अब भी निशि-वासर।
  • उपमा अलंकार
  • यशधारा की तुलना नदी से की गई है।
  • मुदित महीपति मंदिर आए।
    सेवक सचिव सुमंत बुलाए।
  • अनुप्रास  अलंकार
  • ‘म’, ‘स’ ध्वनि की पुनरावृत्ति।
  • हनुमान की पूँछ को लग ना पाई आग।
    लंका सिगरी जल गई, गए निशाचर भाग।।
  • अतिशयोक्ति अलंकार
  • असंभव/अधिकोक्ति का प्रयोग।
  • चाँदी की-सी उजली जाली।
  • उपमा अलंकार
  • जाली की तुलना चाँदी से।
  • हँसमुख हरियाली हिम-आतप।
  • अनुप्रास अलंकार
  • ‘ह’ ध्वनि की पुनरावृत्ति।
  • शाब्दिक भ्रमों की तरह बंधन हैं
  • उपमा अलंकार
  • बंधनों की तुलना शाब्दिक भ्रम से।
  • बाल कल्पना के से पाले
  • रूपक अलंकार
  • कल्पना को बालक समान कहा गया है।
  • कालिंदी कूल कदंब की डारन
  • अनुप्रास अलंकार
  • ‘क’ ध्वनि की पुनरावृत्ति।
  • भेरी-गर्जन से सजग सुप्त अंकुर
  • मानवीकरण अलंकार
  • यहाँ अंकुर (पौधे के छोटे अंकुर) को “सजग” (जाग्रत, चेतन) बताया गया है
  • शब्द के अंकुर फूटे
  • रूपक अलंकार
  • शब्दों को अंकुर (पौधे) के समान कहा गया है।
  • ऐ जीवन के पारावार
  • रूपक अलंकार
  • जीवन को पारावार (समुद्र) कहा गया है।
  • हौले हौले जाती मुझे बाँध निज माया से
  • मानवीकरण अलंकार
  • माया को बाँधने का मानवीय गुण दिया गया है।
  • जथा पंख बिनु खग अति दीना
  • उपमा अलंकार
  • किसी की दीनता की तुलना बिना पंख वाले पक्षी से।

Topic – वाक्य शुद्ध कीजिए (1 Mark each)

क्रमांक

अशुद्ध वाक्य

शुद्ध वाक्य

1
  • बच्चे को दूध नहलाकर पिलाओ।
  • बच्चे को नहलाकर दूध पिलाओ।
2
  • फिजूल बातें मत करो।
  • बेकार बातें मत करो। / फिजूल की बातें मत करो।
3
  • यह कहानी सौद्देश्यतापूर्ण है।
  • यह कहानी उद्देश्यमूलक है। / यह कहानी सउद्देश्य है।
4
  • वन में मुझे एक पक्षियों का झुंड दिखाई दिया।
  • वन में मुझे पक्षियों का एक झुंड दिखाई दिया।
5
  • विद्यालय में पढ़ने के तदुपरान्त छात्र घर गए।
  • विद्यालय में पढ़ने के बाद छात्र घर गए।
6
  • बेफिजूल बातें मत करो।
  • फिजूल बातें मत करो।
7
  • वह दिनभर बेफिजूल बातें करता है।
  • वह दिनभर फिजूल बातें करता है।
8
  • मैं कल एक सज्जन व्यक्ति से मिला।
  • मैं कल एक सज्जन से मिला।
9
  • एक सेब की पेटी ले आना।
  • सेबों की एक पेटी ले आना।
10
  • मानवतापन प्रशंसनीय है।
  • मानवता प्रशंसनीय है।
11
  • मिठाईयाँ आमतौर पर अच्छी लगती हैं।
  • मिठाइयाँ आम तौर पर अच्छी लगती हैं।
12
  • सुन्दर सुरूप सराहनीय है।
  • सुन्दर रूप सराहनीय है।
13
  • दवाईयाँ उपयोगी होती हैं।
  • दवाइयाँ उपयोगी होती हैं।
14
  • भूत, वर्तमान, भविष्य तीन काल हैं।
  • भूतकाल, वर्तमानकाल और भविष्यकाल तीन काल हैं।
15
  • तपस्यापन आसान नहीं है।
  • तपस्या आसान नहीं है।
16
  • प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थियों में तालमेल रहना चाहिए।
  • प्रशासन, शिक्षकों और विद्यार्थियों में तालमेल रहना चाहिए।
17
  • श्याम और उसका भाई खेलने जाता है।
  • श्याम और उसका भाई खेलने जाते हैं।
18
  • उदयपुर में अनेकों झीलें हैं।
  • उदयपुर में अनेक झीलें हैं।
19
  • गधे भौंकते हैं।
  • गधे रेंकते हैं।
20
  • सुन्दरतापन प्रशंसनीय है।
  • सुन्दरता प्रशंसनीय है।
21
  • कृपया करके मुझे यह काम करने दो।
  • कृपया मुझे यह काम करने दो।
22
  • माधुर्यता एक गुण है।
  • माधुर्य एक गुण है।
23
  • वह वापस लौट आया।
  • वह लौट आया।
24
  • सोहन जल से पौधों को सींचता है।
  • सोहन पानी से पौधों को सींचता है।
25
  • मुझे अनेकों भाषाओं का ज्ञान हैं।
  • मुझे अनेक भाषाओं का ज्ञान है।
26
  • वह सज्जन पुरुष है।
  • वह सज्जन है।
27
  • मंत्री जी ने सरकार की उपलब्धता गिनवाई।
  • मंत्री जी ने सरकार की उपलब्धियाँ गिनवाईं।
28
  • ‘पंच परमेश्वर’ सोद्देश्यपूर्ण कहानी है।
  • ‘पंच परमेश्वर’ सउद्देश्य कहानी है।
29
  • जवाहर लाल नेहरू का सदा देश आभारी रहेगा।
  • देश सदा जवाहर लाल नेहरू का आभारी रहेगा।
30
  • भैंस का ताकतवर दूध होता है।
  • भैंस का दूध ताकतवर होता है।

 

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