Most of students search over Google for Haryana Board (HBSE) Important Questions 2026. Here is the Main reason because HBSE Board Says that in HBSE Exam 2026 (last 3 Years of Questions will Repeat) so that here are the selected List of Questions of Haryana Board For Class 10.
HBSE Class 10 कृतिका Important Question Answer 2026
पाठ 1 – माता का आँचल
प्रश्न 1. खेल खेलते हुए बच्चे पिता को देखकर क्यों भाग खड़े होते हैं? Most Important
उत्तर – प्रत्येक बच्चे के पिता उसके प्रत्येक खेल में शामिल होने का प्रयास करते हैं। उसे किसी न किसी प्रकार अधिकांश समय अपने साथ रखते थे लेकिन एक दिन वे सभी बच्चे मिलकर एक बूढ़े वर को तंग करते हैं उस दिन उन्हें डर लगता है इसलिए खेलते हुए बच्चे अपने पिता को देखकर वहां से भाग खड़े होते हैं।
प्रश्न 2. ‘माता का आँचल’ पाठ का मूलभाव स्पष्ट कीजिए। Most Important
या
“माता का आँचल’ शीर्ष की सार्थकता पर प्रकाश डालिए।
या
‘माता का अंचल’ पाठ में माता-पिता का जो वात्सल्य व्यक्त हुआ है उसे अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर – माता का आँचल पाठ के माध्यम से लेखक ने मां के प्रेम का वर्णन किया है। मां अपने बच्चे को बहुत प्यार से पालती है। बच्चा अपना अधिकतर समय पिता के साथ बिताता है इसके बावजूद भी मुसीबत के समय में बच्चे को अपनी मां की ही याद आती है। बच्चा अपने पिता से लगाव होने के बावजूद भी अपनी मां की ही शरण लेता है। ‘माता का आँचल’ पाठ में मां के आँचल की इसी ममता का वर्णन किया गया है।
प्रश्न 3. आपके विचार से भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना क्यों भूल जाता है?
या
‘माता का आँचल’ पाठ में भोलानाथ अपने साथियों को देखकर सिसकना क्यों भूल जाता है?
उत्तर – सभी मनुष्यों को अपनी आयु के मनुष्य ही पसंद आते हैं। बच्चों को अपनी उम्र के साथियों के साथ ही खेलना अच्छा लगता है। उन्हीं के साथ वह अपनी मौज-मस्ती, शरारत, अठखेलियां कर पाता है। इसी कारण से भोलानाथ भी अपने साथियों को देखकर सिसकना भूल जाता है।
प्रश्न 4. माता भोलानाथ को “कन्हैया” किस प्रकार बनाया करती थी? Most Important
उत्तर – माता भोलानाथ के सिर में सरसों का तेल लगाती थी। उसके बाद नाभी और लिलार में काजल की बिंदी लगाकर चोटी गूँथती और उसमें फूलदार लट्टू बांधकर रंगीन टोपी कुर्ता पहना देती थी। इस प्रकार माता भोलानाथ को कन्हैया बनाया करती थी।
प्रश्न 5. ‘माता का आँचल’ पाठ में लेखक का नाम तारकेश्वरनाथ से भोलानाथ कैसे पड़ा? Most Important
उत्तर – लेखक के पिता सुबह जल्दी उठते थे। वे अपने साथ-साथ लेखक और उसके भाई को भी उठा देते थे और उन्हें नहलाकर कर पूजा में बिठाते थे। पूजा पूरी होने के बाद में दोनों बेटों के माथे पर चंदन की अर्धचंद्राकार आकृति बनाते थे। लेखक और उसके भाई दोनों पर लंबे बाल होने की वजह से यह भभूत बहुत अच्छी लगती थी। इसीलिए पिता लेखक को प्यार से भोलानाथ कहकर पुकारते थे। इसी प्रकार ‘माता का आँचल’ पाठ में लेखक का नाम तारकेश्वर नाथ से भोलानाथ पड़ गया।
प्रश्न 6. “माता का आँचल” पाठ में साँप निकलने की घटना से भोलानाथ एवं साथियों की हालत कैसी हुई? Most Important
उत्तर – जब भोलानाथ अपने साथियों के साथ चूहे के बिल में पानी डालने लगा तो उसमें से एक सांप निकल आया। सभी साथी रोते चिल्लाते वहां से भाग खड़े हुए। भागते समय सभी साथियों को थोड़ी बहुत चोटें भी आई। सभी के पैरों के तलवे कांटो से जख्मी हो गए थे।
पाठ 2 – साना साना हाथ जोड़ि
प्रश्न 1. ‘गंतोक’ को मेहनतकश बादशाहों का शहर क्यों कहा गया है? Most Important
उत्तर – गंतोक एक पहाड़ी स्थल है। पहाड़ी जीवन कठिन होता है। यहां के लोग कड़ी मेहनत करते हैं और अपने ही काम में मस्त रहते हैं। यहां के लोग अपनी सहायता के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाते हैं। इसीलिए लेखिका ने गंतोक को मेहनतकश बादशाहों का शहर कहा है।
प्रश्न 2. “कटाओ” को ‘भारत का स्विट्रजरलैण्ड’ क्यों कहा गया है?
या
‘कटाओ’ के अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन कीजिए।
उत्तर – कटाओ प्रकृति की वादियों के बीच एक बहुत ही सुंदर स्थान है। यह स्थान अभी तक कोई टूरिस्ट स्पॉट नहीं है लेकिन यहां का दृश्य स्विट्जरलैंड से भी अधिक खूबसूरत है। बर्फ गिरने पर यहां दृश्य और भी अधिक खूबसूरत हो जाता है। इसीलिए कटाओ को ‘भारत का स्विट्जरलैंड’ कहा गया है।
प्रश्न 3. जितेन नार्गे ने गुरु नानक देव जी से संबंधित किस प्रसंग का उल्लेख प्रस्तुत पाठ में किया है? Most Important
उत्तर – जितेन नार्गे गुरु नानक देव जी से संबंधित एक स्थान का वर्णन करते हुए बताता है कि यहां एक पत्थर है जिस पर गुरु नानक के फुट प्रिंट है। कहते हैं कि यहां गुरु नानक की थाली से थोड़े से चावल छिटक कर बाहर गिर गए थे। जिस जगह चावल छिटक कर गिरे थे अब वहां चावल की खेती होती है।
प्रश्न 4. तिस्ता नदी के किनारे बने गेस्ट हाउस में सैलानियों के नृत्य-गान का वर्णन मधु कांकरिया ने किस तरह किया है? Most Important
या
तिस्ता नदी के किनारे बने गेस्ट हाउस में सैलानियों के नृत्य-गान का वर्णन कीजिए।
उत्तर – तिस्ता नदी के किनारे बने गेस्ट हाउस में जब जितेन ने लकड़ी के बने खिलौने से उस छोटे से गेस्ट हाउस में गाने की तेज धुन पर जब अपने संगी साथियों के साथ नाचना शुरू किया तो वह रात परियों की कहानियों की तरह महक उठी। मस्ती के साथ सभी सैलानी गोल घेरा बनाकर नाचने लगे। लेखिका की सहेली मणि ने कुमारियों को भी मात देते हुए बहुत ही शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।
प्रश्न 5. ‘साना-साना हाथ जोड़ि……’ पाठ में प्रार्थना के भाव का वर्णन कीजिए। Most Important
उत्तर – ‘साना साना हाथ जोड़ि’ का अर्थ है — मैं छोटे-छोटे हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हूं। इस पाठ में हमें सिक्किम के लोगों की कठिनाइयों और वहां के रीति-रिवाजों के बारे में वर्णन किया गया है।
प्रश्न 6. ‘साना-साना हाथ जोड़ि ……” पाठ के माध्यम से लेखिका क्या दर्शाना चाहती है? Most Important
उत्तर – ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के माध्यम से लेखिका यह दर्शाना चाहती है कि पहाड़ों पर रहने वाले लोगों का जीवन बहुत अधिक कठिन होता है। लेखिका पाठ में हिमालय और उसकी सुंदर घाटियों का वर्णन करती है और साथ ही वहां पर रहने वाले लोगों के जीवन के संघर्ष का भी वर्णन करती हैं। लेखिका कभी प्रकृति प्रेमी, विद्वान और कभी संत के समान हो जाती है।
पाठ 3 – मैं क्यों लिखता हूं?
प्रश्न 1. लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों? Most Important
उत्तर – लेखक के अनुसार सच्चा लेखन भीतरी मजबूरी या विवशता से ही उत्पन्न होता है। यह मजबूरी मन के भीतर से उत्पन्न अनुभूति से ही जागती है। यह बाहरी घटनाओं या किसी भी प्रकार के दबाव से उत्पन्न नहीं होती है। जब तक किसी लेखक का हृदय अनुभव के कारण पूरी तरह संवेदनशील नहीं हो उठता, उसमें अभिव्यक्ति की आकुलता पैदा नहीं होती, तब तक वह कुछ भी नहीं लिख सकता।
प्रश्न 2. लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं? Most Important
उत्तर – लेखक स्वयं जानना चाहता है कि वह क्यों लिखता है? लिखकर ही लेखक उस आंतरिक विवशता को पहचानता है जिसके कारण उसने लिखा और लिखकर ही वह उससे मुक्त हो जाता है। लेखक अपनी आंतरिक विवशता से मुक्ति पाने के लिए, तटस्थ होकर उसे देखने और पहचान लेने के लिए लिखता है।
प्रश्न 3. “मैं क्यों लिखता हूँ” निबंध का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए। Most Important
उत्तर – इस पाठ के माध्यम से लेखक ने बताया है कि लेखन कार्य वास्तव में अनुभूति से उत्पन्न भावनाओं की व्याकुलता से होता है। कभी-कभी बाहरी दबावों के कारण भी लेखन कार्य करना पड़ता है। किंतु जो लेखन कार्य आंतरिक अनुभूति की प्रेरणा से लिखा जाता है वह ही वास्तविक कृति होती है। लेखक ने इस बात को हिरोशिमा की घटना से सिद्ध किया है कि जब उसने एक पत्थर पर मनुष्य की आकृति देखी जो विस्फोट के समय भाप बनकर उड़ गया था तब लेखक ने उस भयानक दृश्य को अनुभव किया और उसके बाद ही ‘हिरोशिमा’ नामक कविता लिखी।
प्रश्न 4. लेखक को विज्ञान के दुरुपयोग का ऐतिहासिक प्रमाण कब मिला? Most Important
उत्तर – जब लेखक ने हिरोशिमा की अपनी यात्रा के दौरान एक पत्थर पर मनुष्य की आकृति देखी जो विस्फोट के समय भाप बनकर उड़ गया था, तब लेखक को विज्ञान के दुरुपयोग का ऐतिहासिक प्रमाण मिला।